Reported By: Rajesh Raj
,Work From Home in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के सरकारी कार्यालयों में लागू होगा वर्क फ्रॉम होम? सीएम-मुख्य सचिव तक पहुंचा लेटर, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की मांग / Image : AI Generated
रायपुर: Work From Home in Chhattisgarh प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील का असर अब पूरे देश में देखा जा रहा है। कई राज्यों में सीएम और मंत्रियों ने अपने काफिले की वाहनों में कटौती कर दी है। वहीं, छत्तीसगढ़ में प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों ने अपने काफिले की गाड़ियों को कम करने का फैसल लिया है। लेकिन इस बीच छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने सीएम विष्णुदेव साय और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की मांग की है। बता दें कि एक दिन पहले ही दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश जारी किया था। यहां के सरकारी दफ्तरों के कर्मचारी अब हफ्ते में दो दिन घर से ही काम करेंगे।
Work From Home in Chhattisgarh छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की ओर से लिखे गए पत्र में लिखा गया है कि ”अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता तथा कीमतों को लेकर गंभीर संकट की स्थिति निर्मित होने की आशंका व्यक्त की गई है। ऐसी परिस्थिति में देशभर में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी ऊर्जा संरक्षण एवं अनावश्यक आवागमन को कम करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। उनका यह निर्णय एवं अपील जनहित एवं राष्ट्रहितकारी है।”
उन्होंने आगे लिखा है कि ”छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय कार्यालयों में आम जनता की सुविधा हेतु ई-ऑफिस एवं पेपरलेस कार्यप्रणाली पहले से लागू की जा चुकी है। वर्तमान डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से अधिकांश प्रशासनिक एवं कार्यालयीन कार्य ऑनलाइन माध्यम से संचालित किए जा सकते हैं। अतः राज्य में भी तत्काल प्रभाव से आवश्यकतानुसार “वर्क-फ्रॉम-होम” कार्यप्रणाली लागू किया जाना व्यवहारिक एवं जनहितकारी होगा। विशेष रूप से नया रायपुर स्थित मंत्रालय एवं विभिन्न शासकीय कार्यालयों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी निजी एवं शासकीय वाहनों से आवागमन करते हैं। वर्क-फ्रॉम-होम व्यवस्था लागू होने से ईंधन की बड़ी मात्रा में बचत संभव होगी, साथ ही यातायात दबाव एवं प्रदूषण में भी कमी आएगी।”
वर्क-फ्रॉम-होम हेतु मांग पत्र by dilliwar.deepak
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ईंधन बचत को जनआंदोलन बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र को भी इस अभियान से जोड़ना चाहती है। इसके तहत प्राइवेट कंपनियों से भी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम देने की अपील की जाएगी। उनका कहना है कि इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी और पेट्रोल-डीजल की बचत के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी।
दिल्ली की सड़कों पर सुबह और शाम के समय भारी ट्रैफिक रहता है। इस वजह से जाम लगता है। इससे निपटने के लिए ऑफिस टाइम को अलग-अलग किया गया है। दिल्ली सरकार का ऑफिसियल टाइम सुबह 10.30 से 7 बजे तक रहेगा। वहीं, एमसीडी के ऑफिस सुबह 8.30 से शाम 5 बजे तक खुलेंगे। सीएम ने दिल्ली के लोगों से सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे मनाने की अपील की है। दिल्ली सरकार ने अगले 6 महीने तक कोई भी वाहन नहीं खरीदने का फैसला किया है। दिल्ली सरकार ने ट्रांसपोर्ट अलाउंस को दस फीसदी तक बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं, व्यापारियों से अपील की है कि माल ढोने के लिए ट्रक की जगह ट्रेन का इस्तेमाल करें।