नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने फर्जी (म्यूल) बैंक खाते और फर्जी कॉल सेंटर के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े साइबर अपराध रोधी अभियान के दौरान 7,000 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया और 916 लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली पुलिस के ‘साइहॉक’ अभियान का पांचवा चरण 16 से 18 जून के बीच 48 घंटे तक जारी रहा। यह कार्रवाई 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की गई।
दिल्ली पुलिस ने इसे साइबर धोखाधड़ी के नेटवर्क के खिलाफ अब तक का सबसे व्यापक और समन्वित अभियान बताया।
पुलिस के अनुसार, एक साथ की गई छापेमारी के दौरान 7,189 लोगों को हिरासत में लिया गया या पूछताछ के लिए पकड़ा गया, जबकि 691 अन्य लोगों को पाबंद किया गया।
इसके अलावा 4,290 से अधिक लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान 481 नए मामले दर्ज किए गए जबकि 410 पुराने साइबर अपराध मामलों में भी कार्रवाई की गई।
पुलिस ने बताया कि इन मामलों से जुड़ी शिकायतों में ठगी गई कुल राशि लगभग 700 करोड़ रुपये है, जो देशभर में साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते दायरे को दर्शाती है।
इस अभियान में दिल्ली की सभी 15 जिला पुलिस इकाइयों के अलावा अपराध शाखा, रेलवे पुलिस, मेट्रो इकाई और ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस’ (आईएफएसओ) इकाई ने भी हिस्सा लिया।
छापे मारने वाले कुल 715 दलों में 2,374 पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया था। छापेमारी का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराध के दो प्रमुख आधारों फर्जी बैंक खाता नेटवर्क और फर्जी ‘एपीके’ फाइल फैलाने वाले गिरोहों को ध्वस्त करना था।
पुलिस के अनुसार, फर्जी खाते आज भी साइबर धोखाधड़ी की वित्तीय रीढ़ बने हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठग फर्जी ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ ऑफर और कमीशन आधारित योजनाओं का लालच देकर लोगों को बैंक खाते खुलवाने के लिए तैयार करते हैं और बाद में उन खातों को धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल करते हैं।
पुलिस ने बताया कि फर्जी बैंक खाता नेटवर्क से जुड़े 3,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी पाया गया कि 2,300 से ज्यादा साइबर शिकायतें ऐसे खातों से जुड़ी हुई थीं।
अभियान के दौरान पुलिस ने 760 मोबाइल फोन, 820 सिम कार्ड, 228 एटीएम कार्ड, 247 बैंक किट व पासबुक, 104 लैपटॉप एवं कंप्यूटर, 323 आधार कार्ड तथा 21.72 लाख रुपये नकद बरामद किए।
इसके अलावा एक महंगा वाहन और 11 ‘पीओएस’ मशीनें भी जब्त की गईं। अधिकारियों के अनुसार, साइबर धोखाधड़ी गतिविधियों में कथित रूप से शामिल नाइजीरिया के दो नागरिकों की पहचान की गई और उन्हें देश से निष्कासित कर दिया गया।
भाषा जितेंद्र अविनाश
अविनाश