भुवनेश्वर, नौ अप्रैल (भाषा) विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को ओडिशा के रायगड़ा जिले में सिजिमाली बॉक्साइट खदान तक सड़क निर्माण का विरोध कर रहे आदिवासियों पर पुलिस की कथित ज्यादती की निंदा की।
मंगलवार को सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय आदिवासियों और पुलिस के बीच झड़प होने से 58 सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 70 लोग घायल हो गए।
ग्रामीण सिजिमाली स्थित बॉक्साइट खदान तक सड़क निर्माण का विरोध कर रहे थे। यह खदान अन्वेषण के लिए एक निजी कंपनी को सौंप दिया गया है।
जिला प्रशासन का दावा है कि सड़क सरकारी जमीन पर बनाई जा रही है जो सिजिमाली खदानों की ओर जाती है, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि खनन से स्थानीय पर्यावरण और उनकी आजीविका प्रभावित होगी।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण से पहले कोई औपचारिक ग्राम सभा आयोजित नहीं की गई, जबकि कानून के अनुसार यह अनिवार्य था।
स्थानीय आदिवासियों और प्रशासन के बीच विवाद हिंसक झड़प में तब्दील हो गया, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हो गए। झड़प के बाद प्रशासन ने काशीपुर पुलिस थाना क्षेत्र में शागाबारी गांव और आसपास के इलाकों में निषेधाज्ञा लगा दी है।
बीजद के जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जगन्नाथ सरका के नेतृत्व में 10 सदस्यीय जांच दल ने कांतमाल गांव का दौरा किया, जहां मंगलवार तड़के पुलिस ने कथित तौर पर बिजली काट दी थी।
सरका ने संवाददाताओं से कहा, “आदिवासी विकास के खिलाफ नहीं हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा लोगों के खिलाफ बल प्रयोग का तरीका पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। हमने झड़प में घायल हुए कई लोगों से मुलाकात की।”
पूर्व मंत्री और बीजेडी विधायक रणेंद्र प्रताप स्वैन ने जिला प्रशासन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, “हम राज्यपाल के हस्तक्षेप की मांग करते हैं क्योंकि सिजिमाली खदानों तक जाने वाली सड़क का निर्माण स्थानीय लोगों की सहमति के बिना अनुसूचित क्षेत्र में किया जा रहा है।”
बीजद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देबी प्रसाद मिश्रा ने कहा कि जांच दल बृहस्पतिवार रात पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
मिश्रा ने कहा, ‘जानकारी के अनुसार, पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया और अपने भूमि अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे निर्दोष आदिवासियों पर गोली चलाई।’
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने शुक्रवार को काशीपुर क्षेत्र का दौरा करने के लिए कोरापुट सांसद सप्तगिरि उलका के नेतृत्व में 13 सदस्यीय जांच दल का गठन किया।
इस दल में विधायक, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद शामिल हैं।
कांग्रेस विधायक दल के नेता राम चंद्र कदम ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘ओडिशा की आदिवासी हैं, मुख्यमंत्री आदिवासी हैं और यहां तक कि केंद्रीय आदिवासी कल्याण मंत्री भी ओडिशा से हैं… फिर भी आदिवासी समुदायों के संघर्षों को नजरअंदाज किया जा रहा है।’’
कदम ने आरोप लगाया कि सिजिमाली (नियमगिरि), काशीपुर, लांजीगढ़, बलदा, कोरापुट, रायगढ़ा, कालाहांडी, सुंदरगढ़, क्योंझर, मयूरभंज, जाजपुर और अन्य खनन क्षेत्रों में वनों को नष्ट किया जा रहा है, जमीनें छीनी जा रही हैं और आदिवासी लोगों को विस्थापित किया जा रहा है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने झड़प के संबंध में तीन मामले दर्ज किए हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “इस संबंध में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।”
भाषा
राखी राजकुमार
राजकुमार