Ujjain Borewll Me Fasa Baccha: 70 फीट गहरे बोरवेल में गिरा मासूम! रातभर चला रेस्क्यू, लेकिन अब तक नहीं पहुंच पाई टीम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

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Ujjain Borewll Me Fasa Baccha: 70 फीट गहरे बोरवेल में गिरा मासूम! रातभर चला रेस्क्यू, लेकिन अब तक नहीं पहुंच पाई टीम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

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  • Publish Date - April 10, 2026 / 08:58 AM IST,
    Updated On - April 10, 2026 / 08:58 AM IST

ujjain borewell/ image source: ibc24

HIGHLIGHTS
  • उज्जैन में बोरवेल में गिरा मासूम
  • 60-70 फीट गहराई में फंसा बच्चा
  • रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार

Ujjain Borewll Me Fasa Baccha: उज्जैन: मध्य प्रदेश के Ujjain जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां झलारिया गांव में 3 साल का एक मासूम खेलते-खेलते खुले पड़े बोरवेल में गिर गया। जानकारी के अनुसार बच्चा करीब 60 से 70 फीट की गहराई में फंसा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया। गांव में इस घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल है और हर किसी की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई है।

Ujjain News: रेस्क्यू टीम को बच्चे तक पहुंचने में सफलता नहीं मिली

रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात जारी रहा। अधिकारियों के मुताबिक, बीती रात 8 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक करीब 35 फीट तक खुदाई की गई, लेकिन अब तक रेस्क्यू टीम बच्चे तक सीधी पहुंच बनाने में सफल नहीं हो पाई है। State Disaster Response Force (SDRF) की टीम ने बोरवेल के भीतर कैमरा और ऑक्सीजन पाइप पहुंचाकर बच्चे की स्थिति का पता लगाने और उसे सांस लेने में मदद देने की कोशिश की है। लगातार निगरानी की जा रही है ताकि बच्चे की स्थिति पर नजर बनी रहे।

Ujjain Borewll Kaand: 3 पोकलेन मशीनें और बुलडोजर लगाए गए हैं

बच्चे को जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने भारी मशीनों की मदद भी ली है। मौके पर 3 पोकलेन मशीनें और बुलडोजर लगाए गए हैं, जिनकी सहायता से समानांतर गड्ढा खोदकर बच्चे तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर, एसपी सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास कर रही है कि बिना किसी जोखिम के बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

गौरतलब है कि इससे पहले भी मध्य प्रदेश में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 29 दिसंबर 2024 को Guna जिले के पिपलिया गांव में 10 वर्षीय सुमित मीना 140 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। उस समय National Disaster Response Force (NDRF) द्वारा करीब 15 घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। हालांकि उसकी हालत गंभीर थी और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उज्जैन की इस ताजा घटना ने एक बार फिर खुले बोरवेल की समस्या और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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