राजनीतिक रैलियों में बच्चों के इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री, अन्य को नोटिस जारी करे ओएससीपीसीआर: बीजद

राजनीतिक रैलियों में बच्चों के इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री, अन्य को नोटिस जारी करे ओएससीपीसीआर: बीजद

राजनीतिक रैलियों में बच्चों के इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री, अन्य को नोटिस जारी करे ओएससीपीसीआर: बीजद
Modified Date: July 13, 2026 / 08:17 pm IST
Published Date: July 13, 2026 8:17 pm IST

भुवनेश्वर, 13 जुलाई (भाषा) बीजद ने सोमवार को ओडिशा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (ओएससीपीसीआर) से मांग की कि वह 12 जुलाई को भुवनेश्वर में आयोजित एक राजनीतिक रैली में कथित रूप से नाबालिग बच्चों को शामिल किये जाने के मामले में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और अन्य लोगों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करे।

ओएससीपीसीआर को दिए गए एक ज्ञापन में, बीजू जनता दल (बीजद) ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और पूर्व विधायक प्रभात बिस्वाल भी इसी मामले में “बराबर के जिम्मेदार” थे।

बीजद ने दावा किया कि जब बिस्वाल यहां भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में माझी और सामल की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए तो रैली में बड़ी संख्या में बच्चे भाजपा की तख्तियां लिये हुए नजर आए।

भाजपा कार्यालय जाते समय, बिस्वाल और उनके समर्थकों ने मास्टर कैंटीन चौक से राम मंदिर चौक तक एक जुलूस निकाला, जिसमें केसरिया टोपी पहने बच्चे भी शामिल हुए और उन्होंने सत्ताधारी पार्टी के समर्थन में नारे भी लगाए।

बीजद प्रतिनिधिमंडल की सदस्य सुमित्रा जेना ने कहा, “बच्चों को राजनीतिक रैलियों में शामिल करना एक गंभीर मामला है क्योंकि इससे बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को खतरा होता है। हमने ओएससीपीसीआर को एक ज्ञापन सौंपा है ताकि इस मामले की जांच की जा सके और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और पूर्व विधायक प्रभात रंजन बिस्वाल को नोटिस जारी किए जा सकें।”

बीजद ने कहा कि बच्चों को ऐसी राजनीतिक रैलियों या गतिविधियों में शामिल नहीं किया जाना चाहिए जिनसे वे राजनीतिक प्रभाव या लोगों को इकट्ठा करने जैसी चीजों के संपर्क में आ सकें। पार्टी ने ओएससीपीसीआर की अध्यक्ष से इस मामले का संज्ञान लेने, उचित जांच करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया।

पार्टी का यह कदम ओएससीपीसीआर द्वारा बीजद अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, पार्टी की पूर्व विधायक दीपाली दास और अलका मोहंती, और बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) की अध्यक्ष इप्शिता साहू को नोटिस जारी करने के ठीक दो दिन बाद उठाया गया। यह नोटिस झारसुगुड़ा में आयोजित ‘शिक्षा बचाओ’ विरोध प्रदर्शन में कथित तौर पर बच्चों के इस्तेमाल को लेकर जारी किया गया था।

कक्षा एक से आठ तक के छात्रों की किताबों में बड़े पैमाने पर गलतियों के विरोध में आयोजित अपनी रैली में बीजद ने कथित तौर पर स्कूल के छोटे बच्चों, जिनमें स्कूल यूनिफॉर्म पहने लड़कियां भी शामिल थीं, का इस्तेमाल किया।

आयोग की अध्यक्ष बाबिया पात्रा ने बताया कि 10 जुलाई को दर्ज कराई गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने पटनायक और अन्य लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए।

साहू ने कहा कि बच्चे अपने माता-पिता के साथ ‘शिक्षा बचाओ’ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे क्योंकि यह आंदोलन उनके भविष्य से जुड़ा था। उन्होंने कहा, “बीजद अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में कभी बच्चों का इस्तेमाल नहीं करती है।”

भाषा प्रशांत वैभव

वैभव


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