पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ता की मौत

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ता की मौत

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ता की मौत
Modified Date: May 6, 2026 / 12:56 am IST
Published Date: May 6, 2026 12:56 am IST

कोलकाता, पांच मई (भाषा) पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में मंगलवार को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के एक-एक कार्यकर्ता की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम न्यू टाउन इलाके में विजय जुलूस के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर पिटाई किए जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की मौत हो गई। इससे पहले बीरभूम के नानूर में कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि न्यू टाउन में, कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बहस के बाद मंडल की पिटाई की, जब उसी समय भल्लीगुड़ी क्षेत्र में भाजपा का विजय जुलूस निकाला जा रहा था।

उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला किया। अधिकारी ने बताया कि स्थिति सामान्य करने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात करना पड़ा।

इससे पहले नानूर इलाके में एक झड़प में शेख की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि टीएमसी के नानूर अंचल समिति के सदस्य अबीर शेख की नानूर जिले के संतोषपुर गांव में ‘दूसरे गुट’ से हुई बहस के दौरान हत्या कर दी गई।

उन्होंने बताया कि शेख की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, घायल हो गया। उन्होंने बताया कि जहां तनाव का माहौल है, वहां पुलिस बल को तुरंत भेजा गया है।

नानूर से टीएमसी के नवनिर्वाचित विधायक बिधान माझी ने दावा किया कि शेख पार्टी के सक्रिय सदस्य थे और इलाके में भाजपा के गुंडों ने उनकी हत्या कर दी।

हालांकि, भाजपा नेता श्यामपद मंडल ने कहा कि उनकी पार्टी का कोई भी सदस्य इस हमले में शामिल नहीं था और पुलिस को आरोपियों का पता लगाने के लिए निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने शव का एक वीडियो साझा करते हुए शीर्षक में लिखा, ‘‘भयानक, दिल दहला देने वाला।’’

‘एक्स’ पर एक पोस्ट में घोष ने कहा, ‘‘व्यापक हिंसा में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या।’’ टीएमसी ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर कहा, ‘‘बीरभूम के नानूर में हमारे पार्टी कार्यकर्ता की निर्मम हत्या। मोदी का परिवर्तन का विचार शुरू हो गया है। मृतक का नाम अबीर एसके।’’

पार्टी ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि अलीपुरदुआर कस्बे में भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक बुजुर्ग महिला पर बेरहमी से हमला किया। टीएमसी ने महिला की कथित तस्वीर संलग्न करते हुए कहा, ‘‘उन्हें सिर समेत कई जगह चोटें आई हैं।’’

हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी।

सोमवार दोपहर से ही भाजपा के झंडे लिए भीड़ द्वारा कोलकाता के टॉलीगंज और कस्बा के अलावा बारुईपुर, कमरहटी, बारानगर उपनगरों तथा हावड़ा एवं बहरामपुर स्थित टीएमसी कार्यालयों में आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राहुल सिन्हा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी का कोई कार्यकर्ता तोड़फोड़ में शामिल था। उन्होंने कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस के भीतर के प्रतिद्वंद्वी गुटों का काम हो सकता है जो चुनाव परिणामों के बाद पार्टी नेताओं के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे।

टॉलीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के चुनाव कार्यालय में भीड़ ने तोड़फोड़ की।

रूबी क्रॉसिंग पर तृणमूल कांग्रेस पार्षद सुशांत घोष के कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झंडे लिए भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया।

इन घटनाओं की निंदा करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘भाजपा ने सत्ता में आते ही अपना असली रंग दिखा दिया है।’’

तृणमूल ने कहा, ‘‘उनके गुंडों ने मुर्शिदाबाद में हमारे पार्टी कार्यालय पर हिंसक हमला किया। तोड़फोड़ और अराजकता – यही भाजपा का असली चेहरा है। यह भाजपा के घटिया राजनीति में उतरने का संकेत है।’’

हावड़ा के उदयनारायणपुर में अपने उम्मीदवार पर हमले का आरोप लगाते हुए पार्टी ने कहा, ‘‘हमारे उम्मीदवार समीर पांजा पर हुआ क्रूरतापूर्ण हमला उनकी (भाजपा की) हिंसक मानसिकता का प्रमाण है। यह लोकतंत्र नहीं है; यह सरासर गुंडागर्दी है।’’

उत्तरी कोलकाता के मानिकतला से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार श्रेया पांडे ने सोशल मीडिया पर एक अधेड़ उम्र के पार्टी नेता का वीडियो साझा किया, जिनकी कमीज खून से सनी थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त व्यक्ति उनका चुनाव प्रतिनिधि था जिसे मतगणना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने पीटा था।

वह भाजपा के तापस रॉय से 15,644 वोट के अंतर से हार गईं।

तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें कथित तौर पर सिलीगुड़ी स्थित उसके पार्टी कार्यालय में आगजनी के दृश्य दिख रहे हैं। ‘पीटीआई-भाषा’ इन वीडियो फुटेज की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी।

तृणमूल कांग्रेस के नोआपाड़ा से उम्मीदवार त्रिनांकुर भट्टाचार्य और बैरकपुर के राज चक्रवर्ती के साथ मतगणना केंद्रों से निकलते समय कथित तौर पर मारपीट की गई और उन्हें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया।

भाजपा के राहुल सिन्हा ने हिंसा की निंदा की, लेकिन कहा कि यह ‘‘2021 जैसा नहीं है, जब मतगणना के तुरंत बाद तृणमूल ने हमारे पदाधिकारियों पर हमला किया था और कई पार्टी कार्यालयों में आग लगा दी थी तथा राज्य पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस बार पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की।’’

भाषा आशीष अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में