कोलकाता, नौ अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राज्य में सत्ता हथियाने के लिए मतदाता सूचियों से 90 लाख से अधिक लोगों के नाम हटाने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को दावा किया कि उनकी पार्टी आगामी चुनाव जीतेगी।
उत्तर 24 परगना जिले के मीनाखान में जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी मतदाता सूचियों से हटाए गए लोगों के नाम शामिल कराने के लिए अदालत का रुख करेगी।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “आपने बंगाल में सत्ता हथियाने के लिए 90 लाख से अधिक लोगों के नाम हटा दिए, लेकिन चुनाव हम ही जीतेंगे।”
उनकी यह टिप्पणी राज्य में एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जाने के संदर्भ में आई।
तृणमूल प्रमुख ने आरोप लगाया, “भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। बांग्ला भाषी लोगों को विदेशी बताया जा रहा है और उन्हें घुसपैठिया कहा जा रहा है।”
उन्होंने चुनाव को “जनता के अस्तित्व और बंगाल की पहचान की लड़ाई” करार दिया।
ममता बनर्जी ने मतदाताओं से सतर्क रहने और बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि यह भागीदारी ही पश्चिम बंगाल के लोगों के अधिकारों और पहचान की रक्षा करेगी।
इसी जिले के पाल्टा में एक अन्य रैली में उन्होंने दावा किया, “भाजपा अपनी रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए लोगों को 500 रुपये तक दे रही है।”
भाजपा नेतृत्व को आगाह करते हुए उन्होंने कहा, “अगस्त 2026 से भाजपा का अंत तय है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया, “वे (भाजपा) परिसीमन विधेयक के जरिए पश्चिम बंगाल को तीन हिस्सों में बांटने की कोशिश कर रहे हैं।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिए बिना, उन्हें ‘मोटा भाई’ कहकर संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों के जरिए लोगों को डराने का प्रयास किया जा रहा है।
बनर्जी ने दोहराया कि उनकी पार्टी मतदाताओं के अधिकारों और राज्य की चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा के लिए राजनीतिक व कानूनी, दोनों स्तरों पर संघर्ष जारी रखेगी।
भाषा खारी माधव
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