Reported By: dhiraj dubay
,Korba Police Constable Molestation News || Image- IBC24 News File
कोरबा: जिले के एक आरक्षक पर छेड़छाड़ का आरोप लगा है। (Korba Police Constable Molestation News) आरोपी आरक्षक का नाम दीप नारायण त्रिपाठी है, जो वर्तमान में बांगो थाने में पदस्थ बताया जा रहा है। इस मामले में सिविल लाइन थाना में पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी आरक्षक पर अपने ही दोस्त की पत्नी के साथ लगातार छेड़छाड़ करने का आरोप है। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि आरोपी उसके साथ अनुचित व्यवहार करता था और कई बार आपत्तिजनक हरकतें कर चुका था। (Korba Police Constable Molestation News) आखिरकार तंग आकर महिला ने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।
मामले के सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एक ओर जहां आरोपी खुद पुलिस विभाग में पदस्थ है, वहीं उस पर इस तरह के गंभीर आरोप लगना विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले को गंभीरता से लिया गया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा जिले के एसईसीएल कुसमुंडा खदान में एक बार फिर बड़ा हादसा सामने आया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। महज 24 घंटे के भीतर यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसने खदान क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों के बीच दहशत और आक्रोश दोनों पैदा कर दिया है। (Korba Police Constable Molestation News) जानकारी के अनुसार, कुसमुंडा क्षेत्र में संचालित नीलकंठ कंपनी में कार्यरत एक भारी-भरकम डंपर अचानक अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में जा गिरा। इस हादसे में डंपर चालक भीम पटेल, निवासी सोनपुरी, घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही घायल चालक के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। वहीं खदान क्षेत्र में इस हादसे के बाद हड़कंप मच गया और संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने लगे।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी महज 24 घंटे पूर्व इसी खदान में एक डंपर स्लाइड होकर नीचे गिर गया था। लगातार हो रही घटनाओं ने खदान की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। कर्मचारियों का आरोप है कि सेफ्टी के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा। लगातार हो रहे हादसों से खदान में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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