कर्नाटक में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में अनियमितताओं की सीबीआई जांच की जाए: भाजपा

कर्नाटक में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में अनियमितताओं की सीबीआई जांच की जाए: भाजपा

कर्नाटक में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में अनियमितताओं की सीबीआई जांच की जाए: भाजपा
Modified Date: July 27, 2026 / 07:31 pm IST
Published Date: July 27, 2026 7:31 pm IST

बेंगलुरु, 27 जुलाई (भाषा) कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की आंतरिक जांच को रद्द करने की मांग करते हुए सोमवार को कहा कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या कर्नाटक उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए।

केपीएससी द्वारा चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की आंतरिक जांच पूरी होने तक पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती की अंतिम चयन सूची पर रोक लगाए जाने के एक दिन बाद यह मांग आई।

आरोपों की जांच के लिए केपीएससी ने आयोग के एक वरिष्ठ सदस्य की अध्यक्षता में एक आंतरिक जांच उपसमिति गठित की है।

केपीएससी के अनुसार, यह निर्णय रविवार को हुई आपात बैठक में लिया गया।

इससे पहले 24 जुलाई को विधान सौधा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी और 25 जुलाई को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।

विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को केपीएससी कार्यालय जाकर आयोग के अध्यक्ष को पत्र सौंपा। इसमें मामले की जांच सीबीआई या कर्नाटक उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी तथा वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शामिल थे।

भाजपा ने अपने पत्र में कहा कि केपीएससी द्वारा आयोजित भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों से 80 लाख रुपये तक की रिश्वत वसूले जाने के आरोप हैं। इसने कहा कि इन आरोपों से नौकरी के अभ्यर्थियों और आम लोगों में चिंता पैदा हुई है।

विपक्षी नेताओं ने मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में सैकड़ों अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किए गए हैं तथा करोड़ों रुपये के अवैध वित्तीय लेनदेन की आशंका जताई जा रही है।

पत्र में कहा गया कि अधिकारियों, बिचौलियों और प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के आरोपों ने भर्ती प्रक्रिया और आयोग की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए हैं।

हाल ही में पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग में पशु चिकित्सका अधिकारियों के 400 पदों के लिए केपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पशु चिकित्सकों के एक समूह ने विधान सौध थाने में शिकायत दर्ज कराई और चयन प्रक्रिया की जांच की मांग की। भर्ती परीक्षा केपीएससी द्वारा जनवरी में आयोजित की गई थी।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई अभ्यर्थियों से बिचौलियों ने संपर्क कर नियुक्ति दिलाने के बदले 70 लाख से 80 लाख रुपये तक की मांग की। उनका दावा है कि उन्होंने बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी है।

भाषा

शुभम नेत्रपाल

नेत्रपाल


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