भाजपा कश्मीर की धार्मिक, सूफी परंपराओं को ‘खत्म’ कर रही है : महबूबा

भाजपा कश्मीर की धार्मिक, सूफी परंपराओं को ‘खत्म’ कर रही है : महबूबा

भाजपा कश्मीर की धार्मिक, सूफी परंपराओं को ‘खत्म’ कर रही है : महबूबा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:06 pm IST
Published Date: September 20, 2022 4:22 pm IST

श्रीनगर, 20 सितंबर (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपने विभाजनकारी एजेंडे को लागू करने के लिए कश्मीर की सभी धार्मिक और सूफी परंपराओं को खत्म कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री सोमवार को जम्मू कश्मीर वक्फ बोर्ड द्वारा जारी एक आदेश पर प्रतिक्रिया दे रही थीं, जिसमें सभी ‘दस्तारबंदी’ (किसी प्रभावशाली व्यक्ति के सम्मान के रूप में सिर पर साफा बांधना) समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

मुफ्ती ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘पाखंड की कोई सीमा नहीं है क्योंकि भाजपा खुद मंदिर, दरगाह या गुरुद्वारे में पगड़ी बांधने का कोई मौका नहीं छोड़ती है। वे अपने विभाजनकारी एजेंडे को लागू कर हमारे सभी धार्मिक और सूफी परंपराओं को खत्म करने तक नहीं रूकेंगे।’’

आदेश में कहा गया है कि नेताओं के लिए उनकी राजनीतिक संबद्धता के अनुसार दस्तारबंदी की जा रही थी। आदेश में कहा गया है कि दस्तारबंदी केवल धार्मिक क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वालों को सम्मानित करने के लिए की जानी चाहिए।

पीडीपी नेता ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर की सांस्कृतिक और पारंपरिक रीति-रिवाजों को कुचलना, धार्मिक नेताओं को गिरफ्तार करना, सज्जादनशीन को उनके पारंपरिक कर्तव्यों का पालन करने से रोकना और अब दस्तारबंदी पर प्रतिबंध लगाना, इसके उदाहरण हैं।’’

भाषा आशीष सुभाष

सुभाष


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