स्वतंत्रता दिवस समारोह से वंदे मातरम् हटाए जाने को लेकर भाजपा ने केरल सरकार पर हमला तेज किया

स्वतंत्रता दिवस समारोह से वंदे मातरम् हटाए जाने को लेकर भाजपा ने केरल सरकार पर हमला तेज किया

स्वतंत्रता दिवस समारोह से वंदे मातरम् हटाए जाने को लेकर भाजपा ने केरल सरकार पर हमला तेज किया
Modified Date: August 17, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: August 17, 2026 8:20 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 17 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केरल में स्वतंत्रता दिवस के आधिकारिक समारोह से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ हटाए जाने को लेकर सोमवार को वी डी सतीशन के नेतृत्व वाली केरल की यूडीएफ सरकार पर हमला तेज कर दिया और आरोप लगाया कि सरकार इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और जमात-ए-इस्लामी के दबाव में आ गई।

भाजपा के प्रदेश महासचिव एम टी रमेश ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आधिकारिक समारोह में राष्ट्रगीत नहीं गाने का सरकार का फैसला “खुद देश का अपमान” है और यह “धार्मिक राजनीति के सामने राष्ट्रवाद को समर्पित करने” जैसा है।

पंद्रह अगस्त को तिरुवनंतपुरम में राज्य सरकार के आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम् नहीं गाया गया, जबकि नयी दिल्ली में एआईसीसी मुख्यालय और कांग्रेस शासित कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश तथा तेलंगाना में इसे पूरा गाया गया।

रमेश ने सवाल किया, “जब हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में वंदे मातरम् गाया गया, तो केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार इससे दूर क्यों रही?”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि कांग्रेस मुख्यालय में भी यह गीत गाए जाने के बावजूद केरल ने अलग रुख क्यों अपनाया।

रमेश ने पूछा, “क्या कांग्रेस मुस्लिम लीग, जमात-ए-इस्लामी और एसडीपीआई के दबाव में आकर अपनी ही राष्ट्रीय नीति से पीछे हट रही है?”

उन्होंने कहा, “यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि सतीशन कांग्रेस के मुख्यमंत्री हैं या मुस्लिम लीग के मुख्यमंत्री।”

रमेश ने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के सम्मेलनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् गाया जाता रहा है।

उन्होंने कहा कि यूडीएफ नेतृत्व को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

रमेश ने कहा कि भाजपा केरल की राष्ट्रीय चेतना को “किसी भी राजनीतिक समझौते के सामने समर्पित” नहीं होने देगी और मुस्लिम लीग के दबाव में आने की कांग्रेस की कोशिश का मजबूती से विरोध करेगी।

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश


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