भाजपा ने पवन खेड़ा पर हमला तेज किया

भाजपा ने पवन खेड़ा पर हमला तेज किया

भाजपा ने पवन खेड़ा पर हमला तेज किया
Modified Date: April 15, 2026 / 04:28 pm IST
Published Date: April 15, 2026 4:28 pm IST

नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर अपना हमला तेज कर दिया, जब शीर्ष अदालत ने तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें एक सप्ताह के लिए दी गई ‘ट्रांजिट’ अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी। सत्तारूढ़ दल ने आरोप लगाया कि उन्होंने ‘‘अनावश्यक विवाद’’ खड़ा किया और अब ‘‘भगोड़े की तरह छिप रहे हैं।’’

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि खेड़ा को उच्चतम न्यायालय से ‘‘करारा झटका’’ लगा है और आरोप लगाया कि उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और उनकी पत्नी को निशाना बनाकर राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियान चलाया था।

पूनावाला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सत्य की जीत हुई। पवन खेड़ा ने झूठे दावे किए और असम के बेटे-बेटी के खिलाफ पाकिस्तान प्रायोजित अभियान को अंजाम दिया। अब वह भगोड़े की तरह छिपे हुए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पवन खेड़ा को उच्चतम न्यायालय से करारा झटका लगा है…लेकिन एक बात स्पष्ट है: खेड़ा ने पाकिस्तान और राहुल गांधी के इशारे पर असम के मुख्यमंत्री और असम की बेटी को निशाना बनाने की सुपारी ली थी।’’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शर्मा की ‘राजनीतिक हत्या’ के इरादे से फर्जी कंपनियां बनाई गईं। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि दो बार; दो फर्जी कंपनियां बनाई गईं और झूठे आरोप लगाए गए। यह सब गौरव गोगोई और उनके परिवार के कथित पाकिस्तानी संबंधों, जिसमें आईएसआई से जुड़े लिंक भी शामिल हैं, के कारण किया गया।’’

पूनावाला ने आरोप लगाया, ‘‘यह असमिया हितों के लिए बोलने वालों की राजनीतिक हत्या के तहत हो रहा है, जबकि घुसपैठियों को समर्थन दिया जा रहा है।’’

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को झटका देते हुए उच्चतम न्यायालय ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी के खिलाफ आरोप लगाने के मामले में उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी गई थी।

न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने खेड़ा और अन्य को नोटिस जारी कर तेलंगाना उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली असम सरकार की याचिका पर उनका जवाब मांगा है।

पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश की तामील पर रोक रहेगी। पीठ ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की।

उच्च न्यायालय ने 10 अप्रैल को खेड़ा को कुछ शर्तों के साथ एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दे दी और उन्हें संबंधित अदालत में अर्जी दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था।

कांग्रेस नेता ने पांच अप्रैल को संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति है, जिसे राज्य में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में घोषित नहीं किया गया है।

शर्मा दंपति ने इन आरोपों को खारिज किया था और इसे झूठा एवं मनगढंत बताया था।

इन आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता के खिलाफ गुवाहाटी अपराध शाखा थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 175 (चुनाव के संबंध में झूठा बयान), 35 (निजी सुरक्षा के अधिकार) और 318 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

भाषा आशीष माधव

माधव


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