भाजपा विधायक रथिंद्र बोस पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए

भाजपा विधायक रथिंद्र बोस पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए

भाजपा विधायक रथिंद्र बोस पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए
Modified Date: May 15, 2026 / 02:12 pm IST
Published Date: May 15, 2026 2:12 pm IST

(फोटो के साथ)

कोलकाता, 15 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से विधायक रथिंद्र बोस शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए। वह राज्य के उत्तरी भाग से इस पद को संभालने वाले पहले विधायक बन गए हैं।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सदन में उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद ‘प्रोटेम स्पीकर’ (अस्थायी अध्यक्ष) तापस रॉय ने ध्वनि मत से मतदान कराया।

सभी 207 भाजपा विधायकों द्वारा बोस के पक्ष में अपना समर्थन देने के बाद अस्थायी अध्यक्ष ने उन्हें विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कूच बिहार दक्षिण से विधायक बोस को नवगठित 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा उम्मीदवार घोषित किया, जबकि विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस ने उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया।

बोस ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन बृहस्पतिवार को दाखिल किया।

हाल में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के बाद 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 207 विधायकों का बहुमत प्राप्त है, इसलिए बोस का अध्यक्ष बनना महज एक औपचारिकता थी।

तृणमूल कांग्रेस के चुनाव से दूर रहने के फैसले ने उनके निर्विरोध चयन का मार्ग प्रशस्त किया।

बोस स्वतंत्रता के बाद के इतिहास में पश्चिम बंगाल विधानसभा में अध्यक्ष पद संभालने वाले उत्तर बंगाल के पहले विधायक बन गए हैं।

इस घटनाक्रम को भाजपा सरकार द्वारा उस क्षेत्र के प्रति एक रणनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है जो पिछले एक दशक में राज्य में भाजपा के सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ में से एक के रूप में उभरा है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े और पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बोस उत्तर बंगाल की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं।

बोस का चुनाव राज्य में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक परंपरा में एक बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है जहां पार्टियां पारंपरिक रूप से विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए वकीलों या कानूनी पृष्ठभूमि वाले विधायकों को प्राथमिकता देती रही हैं।

तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार के दौरान वरिष्ठ विधायक बिमान बनर्जी विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं।

इससे पहले, वाम मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकारों के अंतर्गत सैयद अब्दुल मंसूर हबीबुल्ला और हाशिम अब्दुल हलीम जैसे नेता इस पद पर आसीन हो चुके हैं।

बोस के विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने सदन को संबोधित किया। विपक्ष के नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने भी नए विधानसभा अध्यक्ष का स्वागत करते हुए सदन को संबोधित किया और चुनाव के बाद कथित हिंसा का मुद्दा उठाया।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा


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