भाजपा सांसद ने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए 45 दिन का अनिवार्य अवकाश देने की मांग की

भाजपा सांसद ने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए 45 दिन का अनिवार्य अवकाश देने की मांग की

भाजपा सांसद ने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए 45 दिन का अनिवार्य अवकाश देने की मांग की
Modified Date: February 6, 2026 / 12:49 pm IST
Published Date: February 6, 2026 12:49 pm IST

नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) राज्यसभा में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की सदस्य सुमित्रा वाल्मीकि ने सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए 60 साल से अधिक उम्र के उनके बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल हेतु 45 दिन की अनिवार्य छुट्टी की मांग की।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए सुमित्रा ने कहा, ‘‘हमारी सरकार महिलाओं और युवाओं के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही है। मेरी भी एक मांग है।’’

सुमित्रा ने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच उलझे लोगों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि भारत में 2026 में सबसे अधिक युवा शक्ति होने के बावजूद, वरिष्ठ नागरिकों की संख्या 14.9 करोड़ से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि 2036 तक यह आंकड़ा 23 करोड़ से ऊपर पहुंच जाएगा और ‘‘जल्द ही हर तीसरा भारतीय बुजुर्ग होगा।’’

सुमित्रा ने कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण और रोजगार के अवसरों ने करोड़ों युवाओं को उनके घरों से दूर कर दिया है, जिससे उनके माता-पिता अकेले रह गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जब हर घर में बुजुर्गों को चिकित्सा देखभाल की जरूरत होती है, तो किसी व्यक्ति – पुत्र या पुत्री – की मौजूदगी बहुत जरूरी होती है। लेकिन उन्हें कार्यालय से छुट्टी लेने में कठिनाई होती है और अक्सर छुट्टी नहीं मिल पाती।’’

सुमित्रा ने सरकार से अनुरोध किया कि सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों में वरिष्ठ नागरिकों यानी 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की देखभाल के लिए 45 दिन की छुट्टी प्रदान की जाए।

उन्होंने कहा, ‘‘जैसे माता अपने बच्चे को 20 साल देती है, उसी तरह पुत्र या पुत्री को भी बीमार माता-पिता की देखभाल के लिए अवकाश मिलना चाहिए।

भाषा मनीषा माधव

माधव


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