Manoj Bajpayee on Ghooskhor Pandat: वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ पर यू-टर्न! अभिनेता मनोज बाजपेयी ने विवाद पर दी सफाई, बताया लिया गया ये बड़ा फैसला

Manoj Bajpayee on Ghooskhor Pandat: वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ पर यू-टर्न! अभिनेता मनोज बाजपेयी ने विवाद पर दी सफाई, बताया लिया गया ये बड़ा फैसला

Manoj Bajpayee on Ghooskhor Pandat: वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ पर यू-टर्न! अभिनेता मनोज बाजपेयी ने विवाद पर दी सफाई, बताया लिया गया ये बड़ा फैसला

Manoj Bajpayee on Ghooskhor Pandat/Image Source: Manoj Bajpayee

Modified Date: February 6, 2026 / 02:10 pm IST
Published Date: February 6, 2026 2:10 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ‘घूसखोर पंडित’ पर बढ़ा विवाद
  • मनोज बाजपेयी ने X पर दिया बयान
  • प्रमोशनल मटीरियल हटाने का ऐलान

Manoj Bajpayee on Ghooskhor Pandat:  वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभिनेता मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका या मेकर्स का किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।

‘घूसखोर पंडत’ विवाद पर मनोज बाजपेयी का बयान (Ghooskhor Pandat Contoversy)

Manoj Bajpayee on Ghooskhor Pandat:  मनोज बाजपेयी ने अपने पोस्ट में कहा कि वे लोगों की भावनाओं का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने लिखा कि वेब सीरीज पूरी तरह एक फिक्शनल कहानी है, लेकिन इसके बावजूद अगर इसके टाइटल या प्रमोशनल सामग्री से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो इसे गंभीरता से लिया गया है। अभिनेता ने बताया कि जनभावनाओं के सम्मान में वेब सीरीज से जुड़े सभी प्रमोशनल मटीरियल को हटाने का फैसला लिया गया है। यह निर्णय दर्शकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

टाइटल पर बवाल के बाद झुके नीरज पांडे (Neeraj Pandey Statement)

Manoj Bajpayee on Ghooskhor Pandat:  नीरज पांडे ने कहा कि फिल्म के शीर्षक में इस्तेमाल किया गया पंडत शब्द बोलचाल में इस्तेमाल होने वाले एक नाम के तौर पर लिया गया है, न कि किसी धार्मिक या सामाजिक पहचान के रूप में। उन्होंने स्वीकार किया कि फिल्म के टाइटल से कुछ दर्शकों की भावनाएं आहत हुई हैं। डायरेक्टर ने अपने बयान में कहा कि हम दर्शकों की भावनाओं और उनकी चिंताओं को पूरी तरह समझते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने फिलहाल फिल्म से जुड़े सभी प्रमोशनल मटेरियल को हटाने का फैसला लिया है। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी फिल्म को उसके पूरे कंटेंट और कहानी के कॉन्टेक्स्ट में देखा जाना चाहिए न कि उसके कुछ हिस्सों या नाम के आधार पर जज किया जाना चाहिए।

घूसखोर पंडत’ फिल्म के खिलाफ ब्राह्मण समाज लामबंद (Ghooskhor Pandit Movie)

Manoj Bajpayee on Ghooskhor Pandat:  बता दें कि एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म के खिलाफ ब्राह्मण समाज लामबंद हुआ। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज मध्यप्रदेश ने- फिल्म के टाइटल और डायलॉग को लेकर आपत्ति जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। फिल्म के एक्टर, डायरेक्टर और ओटीटी की डायरेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। उनका आरोप है कि फिल्म का नाम जानबूझकर ब्राह्मणों को अपमानित करने वाला रखा गया है। ब्राह्मणों को खलनायक के तौर पर पेश करने की संगठित मुहिम बर्दाश्त से बाहर है तो प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने इसे वोटबैंक की राजनीति बताया। जहां ब्राह्मण समाज और कथावाचक इसे सामाजिक सद्भाव को तोड़ने वाला बता रहे हैं..तो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया, वैमन्यस्ता फैलाने वाला बताते हुए नोटिस जारी करने की बात कही और ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर कांग्रेस-बीजेपी भी आमने-सामने हैं। कुलमिलाकर ‘घूसघोर पंडत’ मूवी को लेकर हर ओर से आक्रोश की लहर देखने को मिल रही हैं, लेकिन ये पहली बार नहीं है जब बॉलीवुड की फिल्मों, वेबसीरीज में ब्राह्मणों को टारगेट करने वाली चीजें सामने आई हों। इससे पहले भी पंडितों, ब्राह्मणों को खलनायक के तौर पर दिखाया जाता रहा है।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।