बंगाल में भाजपा सांसद ने तृणमूल कांग्रेस पर एसआईआर सुनवाई केंद्र पर ‘उपद्रव’ करने का आरोप लगाया

Ads

बंगाल में भाजपा सांसद ने तृणमूल कांग्रेस पर एसआईआर सुनवाई केंद्र पर ‘उपद्रव’ करने का आरोप लगाया

  •  
  • Publish Date - February 7, 2026 / 05:04 PM IST,
    Updated On - February 7, 2026 / 05:04 PM IST

कोलकाता, सात फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित एक एसआईआर सुनवाई केंद्र पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों पर ‘‘उपद्रव’’ करने का आरोप लगाया।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान जानबूझकर कानून-व्यवस्था बिगड़ने देने का राज्य सरकार पर आरोप लगाया।

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इस आरोप का खंडन करते हुए दावा किया कि आम जनता इस प्रक्रिया से असंतुष्ट है।

अधिकारी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के ‘तत्वों’ ने फरक्का और चाकुलिया में पिछली घटनाओं की तरह, बदुरिया खंड कार्यालय के अंदर हंगामा किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि उपद्रवियों ने एसआईआर सुनवाई के दौरान परिसर में तोड़फोड़ की और अधिकारियों को धमकाया।

शनिवार सुनवाई का अंतिम दिन है, यदि इसे बढ़ाया ना गया तो।

अधिकारी ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें कुछ गुस्साये लोग बीडीओ कार्यालय के कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करते दिख रहे हैं, जबकि अधिकारी उन्हें शांत करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।

पीटीआई वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं कर सका।

भाजपा नेता ने बांग्ला भाषा में लिखे अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि राज्य में कोई कानून और व्यवस्था नहीं है और राज्य सरकार ने पुलिस कर्मियों को सुनवाई केंद्र से ‘‘जानबूझकर हटा दिया है’’, ताकि तृणमूल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की कथित अवैध गतिविधियां आसान हो सकें।

भाजपा नेता ने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी पर आरोप लगाया कि वह मतदाता सूची में हेरफेर करने और “अवैध मतदाताओं” की बिना किसी प्रशासनिक बाधा के सुरक्षा करने की कोशिश कर रही है।

इस पर तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता देबांगशु भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की इस घटना में कोई संलिप्तता नहीं है और इसे “प्रताड़ना और वैध मतदाताओं को भाजपा द्वारा हटाने के प्रयास” के प्रति जनता की निराशा और रूप में देखा जाना चाहिए।

भाषा अमित रंजन

रंजन