खनन कानून संशोधनों को वापस लेने की मांग करें भाजपा सांसद: नवीन पटनायक

खनन कानून संशोधनों को वापस लेने की मांग करें भाजपा सांसद: नवीन पटनायक

खनन कानून संशोधनों को वापस लेने की मांग करें भाजपा सांसद: नवीन पटनायक
Modified Date: August 29, 2026 / 01:51 pm IST
Published Date: August 29, 2026 1:51 pm IST

भुवनेश्वर, 29 अगस्त (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने शनिवार को ओडिशा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों को पत्र लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं नियमन) यानी एमएमडीआर अधिनियम में किए गए संशोधनों को वापस लेने की मांग करने का आग्रह किया। ये संशोधन खनिज अधिकारों और खनिज समृद्ध भूमि खंडों पर कर लगाने की राज्यों की शक्तियों को सीमित करते हैं।

पटनायक ने सत्ताधारी दल के सांसदों से उन लोगों के हितों की रक्षा करने की भी अपील की जिन्होंने उन्हें संसद में चुनकर भेजा है।

पटनायक ने पत्र में कहा, ‘‘मैं आपसे (भाजपा सांसदों से) आग्रह करता हूं कि आप अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और ओडिशा की भावी पीढ़ियों के बारे में सोचें। मैं आपसे अपील करता हूं कि आप एमएमडीआर अधिनियम में किए गए उस संशोधन को चुनौती दें और उसे वापस लेने की मांग करें जो राज्य सरकार के अधिकारों को छीनता है।’’

उन्होंने कहा कि संसद भारतीय लोकतंत्र का मंदिर है और सांसद लोकतंत्र के इस सबसे बड़े मंच पर ओडिशा की आवाज हैं।

पटनायक ने पत्र में लिखा, ‘‘ओडिशा के लोगों ने अपने हितों की रक्षा के लिए आप पर भरोसा करके आपको चुना है। यह बेहद चिंता का विषय है कि आपने सबसे मनमाने कानूनों में से एक के पक्ष में मतदान किया, जिसके ओडिशा के उन लोगों के लिए दूरगामी प्रतिकूल परिणाम होंगे जिन्होंने आप पर भरोसा जताया था।’’

उन्होंने कहा कि 13 अगस्त का दिन राज्य के लिए ‘‘काला दिन’’ था, जब ओडिशा से भाजपा के सांसदों के समर्थन के कारण लोकसभा में खान एवं खनिज (विकास एवं नियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित हुआ।

पटनायक ने पत्र में कहा, ‘‘ओडिशा के लोगों पर दूरगामी प्रभाव डालने वाले प्रावधानों के बावजूद, लोकसभा में दस मिनट से भी कम की चर्चा के साथ विधेयक पारित कर दिया गया। यह कोई साधारण कानून नहीं था।’’

संसद ने इस महीने की शुरुआत में खान एवं खनिज (विकास एवं नियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया था।

पटनायक ने हाल में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया था।

भाषा खारी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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