नामांकन वापस लेने के लिए भाजपा ने दिया 15 लाख रुपए ऑफर, बसपा उम्मीदवार ने किया दावा

नामांकन वापस लेने के लिए भाजपा ने दिया 15 लाख रुपए ऑफर, बसपा उम्मीदवार ने किया दावा

नामांकन वापस लेने के लिए भाजपा ने दिया 15 लाख रुपए ऑफर, बसपा उम्मीदवार ने किया दावा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:30 pm IST
Published Date: June 5, 2021 4:28 pm IST

कसारगोड: राज्य में छह अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में काले धन के इस्तेमाल के आरोपों में घिरी भाजपा की केरल इकाई शनिवार को उस समय फिर विवादों में आ गई जब एक उम्मीदवार ने दावा किया कि उसे भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख के़ सुरेंद्रन के खिलाफ नामांकन वापस लेने के लिए 15 लाख रुपये की पेशकश की गई थी। भाजपा ने आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि यह पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र है।

Read More: IAS जितेंद्र कुमार शुक्ला होंगे जांजगीर जिले के नए कलेक्टर, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

सुरेंद्रन के हमनाम कसारगोड जिले के मंजेश्वरम विधानसभा क्षेत्र से बसपा के उम्मीदवार के. सुंदर ने 22 मार्च को नामांकन पत्र वापस ले लिया था। बहरहाल, सुरेंद्रन चुनाव हार गए थे। 2016 के विधानसभा चुनावों के दौरान दोनों के नामों में समानता के कारण निर्दलीय उम्मीदवार सुंदर को 467 वोट मिले थे। इस चुनाव में सुरेंद्रन आईयूएमएल के उम्मीदवार पी. बी. अब्दुल रज्जाक से 80 वोटों से हार गए थे।

Read More: IAS सौरभ कुमार रायपुर होंगे रायपुर कलेक्टर, तारण प्रकाश सिन्हा को मिली राजनांदगांव की जिम्मेदारी, इन जिलों के कलेक्टरों का भी ट्रांसफर

सुंदर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा नेताओं ने मुझसे उम्मीदवारी वापस लेने के लिए कहा। मैंने 15 लाख रुपये की मांग की लेकिन उन्होंने केवल ढाई लाख रुपये और 15 हजार रुपये का एक मोबाइल फोन दिया। सीट जीतने पर मैंने उनसे कर्नाटक में शराब की एक दुकान आवंटित करने की मांग की थी। लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उन्होंने मुझे फोन तक नहीं किया।’’ उम्मीदवारी वापस लेने के अलावा सुंदर भाजपा में शामिल हो गए। मंजेश्वरम विधानसभा उन सीटों में शामिल थी जहां भाजपा को केरल में जीत की उम्मीद थी। बहरहाल, भाजपा ने आरोपों से इंकार किया।

Read More: IAS जितेंद्र कुमार शुक्ला होंगे जांजगीर जिले के नए कलेक्टर, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

भाजपा के जिला अध्यक्ष के. श्रीकांत ने कहा, ‘‘नामांकन वापस लेने के लिए हमने किसी भी चीज की पेशकश नहीं की थी। हमने खुलेआम बताया था कि उन्होंने अपनी उम्मीदवारी क्यों वापस ली। अब उन्होंने अपना रूख बदल लिया है। लगता है कि कोई उन पर दबाव बना रहा है। हमें संदेह है कि वह माकपा और आईयूएमएल के दबाव में ये आरोप लगा रहे हैं।’’ इस बीच माकपा उम्मीदवार वी वी रमेशन ने कसारगोड पुलिस प्रमुख से इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। वह 2021 के चुनावों में तीसरे स्थान पर रहे थे। आईयूएमएल के ए. के. एम. अशरफ ने 65,758 मतों के साथ जीत दर्ज की थी जबकि सुरेंद्रन को 65,013 वोट मिले थे और रमेशन को 40,639 वोट हासिल हुए।

Read More: सियासी आरोपों में उलझी जूडा हड़ताल…बातचीत का हर विकल्प खुला होने के बाद भी आखिर बात बन क्यों नहीं पा रही? 


लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"