शहमात The Big Debate: ‘गर्ग’..गिरफ्तारी..गदर, फिर निकला सियासी पोस्टर! घपलेबाजों का सियासी कनेक्शन, महादेव सट्टा ऐप पर कब तक होगी आरोपों वाली सियासत?

'गर्ग'..गिरफ्तारी..गदर, फिर निकला सियासी पोस्टर! घपलेबाजों का सियासी कनेक्शन, Political Connections of Accused in Mahadev Satta App Case

शहमात The Big Debate: ‘गर्ग’..गिरफ्तारी..गदर, फिर निकला सियासी पोस्टर! घपलेबाजों का सियासी कनेक्शन, महादेव सट्टा ऐप पर कब तक होगी आरोपों वाली सियासत?
Modified Date: July 17, 2026 / 12:22 am IST
Published Date: July 16, 2026 11:57 pm IST

रायपुरः Mahadev Satta App Case महादेव सट्टा एप के आरोपी के पॉलिटिकल कनेक्शन मामले में हमेशा चौतरफा घिरी कांग्रेस ने मुद्दे पर अब बीजेपी को निशाने पर लिया है। दिल्ली से गिरफ्तार आरोपी के बीजेपी से कनेक्शन पर पार्टी हमलवार है। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव सट्टा एप पर सियासी बहस गरमाई है। अक्सर पिछली कांग्रेस सरकार को घेरने वाली बीजेपी से छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने पूछा कि मामले में दिल्ली से गिरफ्तार मुख्य आरोपी विकास गर्ग आखिर कौन है? भाजपा से उसका क्या संबंध है? साथ ही कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ‘झूठ की दुकान’ ज्यादा दिन नहीं चलती। एक पोस्टर जारी करते हुए लिखा कि महादेव का नाम लेकर राजनीति करने वालों भाजपाईयों को अब 904 करोड़ की कहानी का असली अध्याय भी जनता को पढ़ाना चाहिए।

Mahadev Satta App Case कांग्रेस की पोस्ट पर जवाब दिया गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, बीजेपी पर तोहमत लागने से पहले समझ लें कि यदि बीजेपी से जुड़ा कोई व्यक्ति किसी भी अपराध में शामिल पाया जाएगा तो उसे पर और ज्यादा कड़ी कार्रवाई होगी। गृहमंत्री ने दावा किया कि महादेव सट्टा बेटिंग ऐप जैसे कई एप्स को हमने बंद किया। केंद्र सरकार अभी भी इसमें कार्रवाई कर रही है।

ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी आरोपी का पार्टी से संबंध ढूंढा जा रहा हो, लेकिन 2023 के चुनाव से लेकर अब तक, भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप कांग्रेस पर लगते रहे हैं। इनमें महादेव सट्टा ऐप घोटाला प्रमुख तौर पर शामिल है। कांग्रेस हर बार यही कहकर सफाई देती रही है कि आरोप सियासी हैं और ऐसे एप्स को केंद्र सरकार बंद क्यों नहीं कर रही। जिस पर प्रदेश के गृहमंत्री ने सीधा और खुला जवाब दिया है। सवाल है क्या फोटोग्राफ के आधार पर लगाए आरोप सही हैं या फिर अपनी सफाई में ये नया सियासी हथियार मात्र है?

इन्हें भी पढ़ें:-


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।