CG Teacher Pay Scale: शिक्षकों के ​​क्रमोन्नति वेतनमान पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षा विभाग से लाभ नहीं मिलने पर ​शिक्षकों ने लगाई थी याचिका

CG Teacher Pay Scale: शिक्षकों के ​​क्रमोन्नति वेतनमान पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षा विभाग से लाभ नहीं मिलने पर ​शिक्षकों ने लगाई थी याचिका

CG Teacher Pay Scale: शिक्षकों के ​​क्रमोन्नति वेतनमान पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षा विभाग से लाभ नहीं मिलने पर ​शिक्षकों ने लगाई थी याचिका

CG Teacher Pay Scale: शिक्षकों के ​​क्रमोन्नति वेतनमान पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षा विभाग से लाभ नहीं मिलने पर ​शिक्षकों ने लगाई थी याचिका / Image: AI Generated

Modified Date: July 17, 2026 / 09:54 am IST
Published Date: July 17, 2026 9:54 am IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षकों की रिट याचिकाएं खारिज कर दीं
  • कोर्ट ने कहा कि डिवीजन बेंच पहले ही इस मुद्दे पर स्पष्ट फैसला दे चुकी है
  • 10 मार्च 2017 के क्रमोन्नति वेतनमान परिपत्र का लाभ देने से इनकार बरकरार

बिलासपुर: CG Teacher Pay Scale क्रमोन्नति वेतनमान के मामले में धमतरी जिले के 14 शिक्षकों को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने शिक्षकों की रिट याचिकाएं खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर डिवीजन बेंच पहले ही स्पष्ट फैसला दे चुकी है। ऐसे में उसी निर्णय के अनुरूप वर्तमान याचिकाओं में अलग राहत देने का कोई आधार नहीं बनता।

शिक्षकों के क्रमोन्नति वेतनमान पर हाईकोर्ट का फैसला

CG Teacher Pay Scale बता दें, कि धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड में पदस्थ शिक्षक भुवन लाल बैस, संजय कुमार साहू, मितेश कुमार पाल, लीला राम साहू, लक्ष्मी साहू सहित अन्य सहायक शिक्षक और व्याख्याता (एलबी) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने राज्य शासन के 10 मार्च 2017 के परिपत्र के तहत क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ नहीं मिलने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। विभाग द्वारा लाभ देने से इनकार किए जाने के बाद उन्होंने कोर्ट का रुख किया था।

कानून और तथ्यों का प्रश्न समान: हाईकोर्ट

मामले में सुनवाई के दौरान सिंगल बेंच ने कहा कि, सभी याचिकाओं में कानून और तथ्यों का प्रश्न समान है, इसलिए सभी मामलों की एक साथ सुनवाई कर एक ही आदेश पारित किया जा रहा है। सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से बताया गया कि, यही विवाद पहले स्मृति आभा नामदेव और अन्य बनाम राज्य शासन प्रकरण में तय किया जा चुका है। उस मामले में हाईकोर्ट ने 13 मार्च 2026 को पुष्पलता माणिकपुरी एवं अन्य बनाम राज्य शासन के निर्णय का अनुसरण करते हुए स्पष्ट किया था कि संबंधित कर्मचारी स्मृति सोना साहू प्रकरण के समान परिस्थितियों में नहीं आते, इसलिए उन्हें 10 मार्च 2017 के परिपत्र का लाभ नहीं दिया जा सकता।

शिक्षकों की सभी रिट याचिकाएं खारिज

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि जब डिवीजन बेंच इस मुद्दे पर पहले ही निर्णय दे चुकी है, उसी के अनुरूप वर्तमान सभी याचिकाओं का निराकरण किया जाना उचित है। कोर्ट ने इसी आधार पर धमतरी जिले के 14 शिक्षकों की सभी रिट याचिकाएं खारिज कर दी।

ये भी पढ़ें


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"