भुवनेश्वर, 24 जुलाई (भाषा) ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने नीति आयोग के हालिया निवेश अनुकूलता सूचकांक (आईएफआई) में राज्य के पांचवें स्थान पर आने का श्रेय लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूर्ववर्ती बीजू जनता दल (बीजद) सरकार की नीतियों व सुधारों का परिणाम है।
पटनायक ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्हें ‘‘खुशी है कि बीजू जनता दल की उपलब्धि को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत ओडिशा सरकार अपनी बताकर खुद की पीठ थपथपा रही है।’’
साथ ही, उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर भाजपा सरकार के ‘‘कुप्रबंधन’’ पर भी चिंता व्यक्त की।
उनकी यह टिप्पणी मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा ओडिशा के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल होने की सराहना करने और यह कहे जाने के बाद आई कि यह निवेश अनुकूल माहौल बनाने और समावेशी औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पटनायक ने कहा कि यह रैंकिंग 2023-24 के दौरान राज्य के प्रदर्शन पर आधारित थी, जब बीजद सत्ता में थी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि 2023-24 में प्रदर्शन के आधार पर तैयार की गई नीति आयोग की हालिया निवेश अनुकूलता सूचकांक रिपोर्ट के अनुसार, निवेश आकर्षित करने में ओडिशा देश में पांचवें स्थान पर रहा है। गुजरात के 56.6 प्रतिशत की तुलना में ओडिशा का प्रदर्शन 52.4 प्रतिशत है।’’
वर्ष 2000 में पद संभालने के समय राज्य की आर्थिक स्थिति को याद करते हुए पटनायक ने कहा कि वित्तीय अनुशासन, शासन सुधारों और बीजद सरकार के ‘5टी’ ढांचे के माध्यम से ओडिशा वित्तीय रूप से एक संकटग्रस्त राज्य से देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में से एक के रूप में बदल गया।
पटनायक ने यह भी दावा किया कि ओडिशा ने प्रमुख संकेतकों पर भाजपा शासित कई ‘‘डबल-इंजन’’ राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘मुझे हैरानी है कि तथाकथित डबल-इंजन सरकारें कहां हैं।’’
भाषा खारी गोला
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