जमशेदपुर में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भाजपा का प्रदर्शन

जमशेदपुर में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भाजपा का प्रदर्शन

जमशेदपुर में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भाजपा का प्रदर्शन
Modified Date: January 18, 2026 / 12:28 am IST
Published Date: January 18, 2026 12:28 am IST

जमशेदपुर, 17 जनवरी (भाषा) झारखंड में ‘‘कानून व्यवस्था की स्थिति और अपराध एवं अपहरण की बढ़ती घटनाओं’’ के विरोध में भाजपा ने राज्य के पूर्वी सिंहभूम जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के सामने शनिवार को प्रदर्शन किया।

यह प्रदर्शन जमशेदपुर के एक प्रतिष्ठित उद्योगपति के 24 वर्षीय बेटे के कथित अपहरण के कुछ दिनों बाद शुरू हुआ।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जमशेदपुर महानगर समिति के नव मनोनीत अध्यक्ष संजीव सिन्हा के नेतृत्व में सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया।

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प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सिन्हा ने आरोप लगाया कि झारखंड की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर में अपराध का ग्राफ चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है और अपराध दर में वृद्धि, कानून व्यवस्था की स्थिति के साथ-साथ अपहरण की घटनाओं के मद्देनजर नागरिकों में असुरक्षा की भावना व्याप्त है।

प्रदर्शनकारियों ने साकची स्थित भाजपा कार्यालय से एक मार्च निकाला, जो एसएसपी कार्यालय पर समाप्त हुआ।

राज्य में मौजूदा सरकार की आलोचना करते हुए, भाजपा सांसद बिद्युत बरन महतो ने दावा किया कि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)-कांग्रेस शासन के तहत अपराधी अपना दबदबा कायम कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जमशेदपुर कभी शांति और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जाना जाता था, लेकिन पिछले कुछ दिनों में छीन-झपट, नशीली दवाओं की तस्करी, चोरी और अपहरण की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।

महतो ने आरोप लगाया कि कारोबारी समुदाय और व्यापारी डरे हुए हैं, लेकिन सरकार के उदासीन रवैये और पुलिस की निष्क्रियता के कारण अपराधियों का मनोबल ऊंचा है।

भाजपा की झारखंड इकाई के पूर्व अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दावे के विपरीत, ‘‘अबुआ राज’’ (अपनी सरकार) के तहत आपराधिक गतिविधियां चरम पर हैं।

गोस्वामी ने मंगलवार को 24 वर्षीय कैरव गांधी के अपहरण का जिक्र करते हुए कहा कि एक प्रतिष्ठित उद्योगपति के बेटे का दिनदहाड़े अपहरण पुलिस प्रशासन की विफलता को दर्शाता है।

भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि यह सरकार को आखिरी चेतावनी है और अगर स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो उन्हें और भी कड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

भाषा तान्या सुरभि

सुरभि


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