मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर प्रताप सिम्हा की टिप्पणी ‘घृणित’, माफी मांगे भाजपा : सुरजेवाला

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर प्रताप सिम्हा की टिप्पणी ‘घृणित’, माफी मांगे भाजपा : सुरजेवाला

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर प्रताप सिम्हा की टिप्पणी ‘घृणित’, माफी मांगे भाजपा : सुरजेवाला
Modified Date: April 4, 2026 / 09:28 pm IST
Published Date: April 4, 2026 9:28 pm IST

बेंगलुरु, चार अप्रैल (भाषा) कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शनिवार को बागलकोट में विधानसभा उपचुनाव प्रचार के दौरान मैसूर-कोडागु के पूर्व सांसद प्रताप सिम्हा द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के खिलाफ कथित तौर पर की गई अपमानजनक टिप्पणी को लेकर भाजपा पर तीखा हमला किया।

सिम्हा ने भाजपा उम्मीदवार वीरभद्रय्या चरंतिमठ के लिए प्रचार करते हुए ये टिप्पणियां कीं, जिससे नौ अप्रैल को होने वाले उपचुनाव से पहले एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।

कांग्रेस ने पूर्व विधायक दिवंगत एम.वाई. मेती के बेटे उमेश मेती को उम्मीदवार बनाया है, जिनकी मृत्यु के कारण उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था।

सुरजेवाला ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “बगलकोट में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के बारे में प्रताप सिम्हा की घृणित टिप्पणियों ने भाजपा की निंदनीय राजनीति को एक बार फिर उजागर कर दिया है।”

एक बड़ी राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “यह बात तेजी से स्पष्ट हो रही है कि प्रताप सिम्हा का यह आक्रोश हताशा से प्रेरित है।” उन्होंने भाजपा पर पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए इस तरह की टिप्पणियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

राज्यसभा सदस्य ने दावा किया कि यह घटना पार्टी के भीतर एक चलन को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “यह किसी एक व्यक्ति का पागलपन नहीं है—यह भाजपा की राजनीतिक संस्कृति है।” उन्होंने आगे कहा कि ये टिप्पणियां “वंचित समुदायों के नेताओं को बदनाम करने” के उद्देश्य से की गई थीं।

सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और विपक्ष के नेता आर. अशोक सहित भाजपा नेतृत्व से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा कि उन्हें इन टिप्पणियों के लिए कन्नड़ भाषी लोगों, विशेष रूप से ओबीसी, एससी और अल्पसंख्यकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, और पार्टी से आग्रह किया कि यदि वह सिम्हा के बयानों की निंदा नहीं करती है तो उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया जाए।

सुरजेवाला ने कानूनी कार्रवाई की भी मांग की और सिम्हा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और सख्त कदम उठाने की मांग की।

भारतीय जनता पार्टी की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भाषा प्रशांत माधव

माधव


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