भाजपा ने झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर राहुल पर निशाना साधा, सीबीआई जांच की मांग की

भाजपा ने झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर राहुल पर निशाना साधा, सीबीआई जांच की मांग की

भाजपा ने झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर राहुल पर निशाना साधा, सीबीआई जांच की मांग की
Modified Date: August 12, 2026 / 05:07 pm IST
Published Date: August 12, 2026 5:07 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रांची में प्रदर्शनरत विद्यार्थियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग करने को तैयार नहीं है।

पार्टी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों ने रांची में प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उनके हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था, ‘‘झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज पर राहुल गांधी जवाब दो’ और ‘झारखंड में छात्रों पर हुए अन्याय पर राहुल गांधी जवाब दो।’

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने संसद भवन परिसर में संवादादातोँ से बातचीत में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की।

सेठ ने कहा, ‘‘आप जितना चाहें , उतना तुगलकी फरमान जारी कर लें, चाहें तो तानाशाही रवैया अपना लें, लेकिन सीबीआई और ईडी से जांच तो करानी ही होगी।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में पूरा घोटाला करीब 400 करोड़ रुपये का है।

उन्होंने कहा, ‘‘चाहे टीडीपीएल हो, जेपीएससी हो या जेएसएससी, यह सैकड़ों करोड़ रुपये का घोटाला है। विद्यार्थी पूछ रहे हैं: इस पैसे का हिस्सा किसे मिला? वे सीबीआई जांच के आदेश क्यों नहीं दे रहे हैं? क्योंकि मुख्यमंत्री के करीबी लोग और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से जुड़े लोग इस जाल में फंसे हुए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए, सिर्फ़ अपनी ज़िद की वजह से वे सीबीआई जांच के आदेश नहीं दे रहे हैं। उन्हें पता है कि झामुमो सरकार खतरे में पड़ जाएगी।’’

कांग्रेस राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का हिस्सा है।

सेठ ने इस मुद्दे पर गांधी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता में झारखंड में जांच की मांग करने की हिम्मत नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि झारखंड का आंदोलन दिल्ली के राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों से अलग है और इसका नेतृत्व छात्र और युवा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड का आंदोलन गैर-राजनीतिक है। यह विद्यार्थियों और युवाओं का आंदोलन है। इसके पीछे कोई राजनीति नहीं है।’’

सेठ ने कहा, ‘‘हम जन-प्रतिनिधि हैं, इसलिए स्वाभाविक रूप से हम अपनी आवाज़ उठाएंगे।’’

भारतीय जनता पार्टी के नेता सेठ ने आरोप लगाया कि विरोध स्थल पर रात में विद्युत आपूर्ति काट दी जाती है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने विद्यार्थियों द्वारा अपने खर्च पर लगाए गए ‘जनरेटर सेट’ को हटा दिया है।

रांची में विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधा एवं सवाल किया कि पार्टी अब सीबीआई जांच की मांग क्यों नहीं कर रही है।

दुबे ने कहा, ‘‘क्या दिल्ली का विद्यार्थी झारखंड के विद्यार्थी से अलग है? अगर झारखंड पिछड़ा इलाका है और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे कांग्रेस नेता अमीर इलाके और अमीर पार्टी से आते हैं, तो उन्हें झारखंड का पिछड़ापन, गरीबी या भ्रष्टाचार दिखाई नहीं देता। उन्हें शर्म आनी चाहिए। जिस तरह झारखंड के बच्चे सड़कों पर विरोध कर रहे हैं और जिस तरह रांची के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव व्यवहार कर रहे हैं, मैंने ऐसा निरंकुश प्रशासन कभी नहीं देखा।’’

झारखंड के गोड्डा के सांसद दुबे ने पूछा, ‘‘ मुख्य आरोपी धर्मेंद्र को झारखंड के एक बड़े अधिकारी के घर से गिरफ़्तार किया गया है। वे सीबीआई जांच का आदेश देने के लिए तैयार क्यों नहीं हैं?’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मुख्य आरोपी को सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से एक के घर से पकड़ा गया है। उन्हें पता है कि अगर जांच आगे बढ़ी, तो यह (मुख्यमंत्री) हेमंत सोरेन से लेकर मुख्य सचिव तक पहुंच जाएगी।’’

दुबे ने मांग की है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर माफ़ी मांगे और झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस ले ले।

भाषा

राजकुमार पवनेश

पवनेश


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