कोलकाता, तीन मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भबानीपुर में ‘डोल यात्रा’ उत्सव और शोभायात्रा में भाग लिया तथा हिंदुओं के बीच अधिक एकता का आह्वान किया।
भबानीपुर में सनातन हिंदू समाज की रैली में भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि देश में ‘‘धर्मनिरपेक्षता जैसे शब्दों की गलत व्याख्या की जा रही है’’।
उन्होंने कहा, “इस देश का नाम हिंदुस्तान है। इसका अर्थ है कि हिंदू और अन्य समुदायों के लोग यहां सदियों से शांतिपूर्वक रहते आए हैं। हम कुछ लोगों को धर्मनिरपेक्षता को भारत की सच्ची बहुलवादी भावना से भ्रमित करने और उसे मिलाने की अनुमति नहीं देंगे, जहां विभिन्न धर्मों के लोगों को अपने धर्म का पालन करने का समान अधिकार है।”
अधिकारी ने कहा, ‘‘पवित्र ‘डोल यात्रा’ के दिन, मैं अपने हिंदू भाइयों और बहनों से आह्वान करता हूं कि वे शांतिपूर्वक एकजुट होकर इस तुष्टीकरणवादी ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से हटा दें, जो अपने वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को यहां रहने की अनुमति देकर बंगाल की जनसांख्यिकी को बदलना चाहती है।’’
राज्य में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होना है। अधिकारी के भबानीपुर दौरे ने राजनीतिक हलकों में इन अटकलों को हवा दी है कि वह इस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं।
भाजपा ने हाल ही में इस क्षेत्र में एक नया पार्टी कार्यालय भी खोला है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अधिकारी की टिप्पणियां चुनाव से पहले भाजपा के हिंदुत्व के रुख में तीक्ष्णता का संकेत देती हैं, जिसमें त्योहारों के मंच का उपयोग हिंदू मतदाताओं के बीच समर्थन को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि हिंदुओं के वोट जुटाने के लिए उत्सवों के दौरान भाजपा की ‘‘सांप्रदायिक और विभाजनकारी टिप्पणियां’’ सफल नहीं होंगी।
घोष ने कहा, ‘‘हमारे राज्य में, सभी धर्मों के लोग समान उत्साह के साथ ‘डोल यात्रा’/होली मना रहे हैं। आज मुसलमान उपवास भी रख रहे हैं और होली समारोह में भी भाग ले रहे हैं। यही हिंदुस्तान का सच्चा अर्थ है, न कि भाजपा द्वारा प्रचारित ‘एक राष्ट्र एक समुदाय’ का राज्य।’’
भाषा नेत्रपाल दिलीप
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