बेंगलुरु के पास से अपहृत व्यक्ति का शव तमिलनाडु में मिला

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बेंगलुरु के पास से अपहृत व्यक्ति का शव तमिलनाडु में मिला

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 09:28 PM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 09:28 PM IST

बेंगलुरु, नौ मार्च (भाषा) शहर के पास से कथित तौर पर अपहृत किए गए एक रियल एस्टेट कारोबारी का शव सोमवार को पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में मिला जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे।

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान 30 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी गोपाल उर्फ ​​गोपी के रूप में हुई है, जो बेंगलुरु शहर के बाहरी इलाके में आनेकल तालुक के होन्नाकलासापुरा गांव के निवासी थे।

अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में पुलिस ने मोहन बाबू नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसे इस अपराध का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि उसके दो साथियों को पकड़ने के प्रयास भी जारी हैं।

पुलिस के अनुसार, रविवार को गोपाल और उनके मित्र सतीश अत्तिबेले से आनेकल की ओर कार में यात्रा कर रहे थे। घटना आनेकल तालुक में कर्पूर गेट के पास हुई।

अपहरण की योजना बनाने वाले हमलावरों ने कथित तौर पर कार को रोकने के लिए उसे एक अन्य वाहन से टक्कर मार दी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बदमाशों ने कथित तौर पर गोपाल पर एक पदार्थ छिड़का और उसे अगवा कर लिया, जिसके बाद वे दूसरी कार में बैठकर मौके से फरार हो गए।

उन्होंने कहा कि अपहर्ताओं ने सतीश पर भी संबंधित पदार्थ छिड़का था, लेकिन वह किसी तरह गोपाल के परिवार वालों को सूचना देने में सफल रहे। अधिकारी ने कहा कि इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।

अनेकल थाने की एक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। ​​पुलिस ने कार को रोकने के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन को जब्त कर लिया है।

बेंगलुरु (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत एम वी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रारंभिक जांच के दौरान पता चला कि गोपाल और मोहन दोनों चिक्कमगलुरु जिले के कलासपुरा गांव के रहने वाले थे और लगभग 10-12 वर्षों से उनके बीच अनबन थी।’’

उन्होंने कहा कि पहले गोपाल रियल एस्टेट क्षेत्र में मोहन के अधीन काम करते थे, लेकिन बाद में गोपाल उसके एक मजबूत प्रतियोगी बन गए।

पुलिस के अनुसार, मोहन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और पूछताछ के दौरान इस मामले में उसकी भूमिका सामने आई तथा यह पता चला कि वह पूरी घटना के पीछे मुख्य साजिशकर्ता था।

अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि दो व्यक्तियों ने अपहरण को अंजाम दिया जिनके फोन फिलहाल बंद हैं। जब उनका पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा, तो पुलिस मोहन द्वारा उन्हें दिए गए निर्देशों की पुष्टि करेगी और सभी संभावित पहलुओं की जांच करेगी।’’

इस बीच, सोमवार सुबह गोपाल का शव पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के होसुर में मिला।

अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण करने और आगे की कार्यवाही करने के लिए पुलिस की एक टीम को होसुर भेजा गया।

यह पूछे जाने पर कि क्या मोहन ने हत्या को अंजाम देने के लिए किसी को सुपारी दी थी, उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही वह इसकी पुष्टि कर पाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘इस समय, चूंकि जांच जारी है, इसलिए वह कोई निश्चित बयान नहीं दे सकते।’’

पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘शव बरामद कर लिया गया है और पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद ही मृत्यु का सही कारण पता चलेगा।’’

मृतक के परिवार ने अपराध में शामिल सभी लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए स्थानीय थाने के बाहर प्रदर्शन किया।

भाषा नेत्रपाल रंजन

रंजन