ब्रिक्स शहरीकरण मंच ने समावेशी और लचीले शहरों पर घोषणा-पत्र अपनाया

ब्रिक्स शहरीकरण मंच ने समावेशी और लचीले शहरों पर घोषणा-पत्र अपनाया

ब्रिक्स शहरीकरण मंच ने समावेशी और लचीले शहरों पर घोषणा-पत्र अपनाया
Modified Date: June 13, 2026 / 01:01 am IST
Published Date: June 13, 2026 1:01 am IST

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) दो दिवसीय ब्रिक्स शहरीकरण मंच शुक्रवार को समावेशी, लचीले और जन-केंद्रित शहरी विकास पर मंत्रिस्तरीय घोषणा को अपनाने के साथ संपन्न हुआ।

यह घोषणापत्र सदस्य देशों की साझा प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है और जन-केंद्रित शहरी विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराता है।

संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सदस्य देशों ने ब्रिक्स शहरी अनुसंधान और ज्ञान नेटवर्क की स्थापना के भारत के प्रस्ताव का स्वागत किया।

यह नेटवर्क अध्यक्षता-आधारित और संस्थागत रूप से जुड़ा हुआ ऐसा ज्ञान तंत्र होगा, जो शहरी विकास से जुड़े व्यावहारिक अनुसंधान, ज्ञान के आदान-प्रदान और आपसी सीख को बढ़ावा देगा।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित इस मेंच में ब्राजील, रूस, इंडोनेशिया, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के मंत्रियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और शहरी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

‘अर्बन मिनिस्टीरियल डिक्लेरेशन’ में समावेशी, टिकाऊ, लचीले और रहने योग्य शहर बनाने के महत्व पर जोर दिया गया है, जो विशेष रूप से हाशिए पर रह रहे वर्गों के लिए शहरी सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करें।

मनोहर लाल ने कहा कि सदस्य देशों ने मजबूत स्थानीय प्राधिकरणों और संगठनों की जरूरत को भी स्वीकार किया, साथ ही शासन, योजना और जन-केंद्रित सेवाओं को बेहतर बनाने में डिजिटल नवाचार की बढ़ती भूमिका को भी माना।

मंत्रालय के अनुसार घोषणापत्र में पर्यावरणीय दृष्टि से टिकाऊ और जलवायु-लचीले शहरी विकास को बढ़ावा देने के महत्व पर भी जोर दिया गया।

भाषा खारी रंजन

रंजन


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