कोविड-19 से लोगों की जान बचाने के लिए बसपा सांसद ने सांसद निधि योजना बहाल करने की मांग की

कोविड-19 से लोगों की जान बचाने के लिए बसपा सांसद ने सांसद निधि योजना बहाल करने की मांग की

कोविड-19 से लोगों की जान बचाने के लिए बसपा सांसद ने सांसद निधि योजना बहाल करने की मांग की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: May 4, 2021 7:05 am IST

नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद कुंवर दानिश अली ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड्स) पुन: आरंभ करने की मांग की है ताकि कोविड-19 की दूसरी लहर से जूझ रही जनता के लिए सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी अन्य जरूरतों को पूरा कर सकें।

केंद्र सरकार ने कोविड-19 की चुनौती से निपटने के लिए 2020-21 और 2021-22 के लिए एमपीलैड्स को स्थगति कर दिया है।

प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अली ने अपने संसदीय क्षेत्र अमरोहा में कोरोना संक्रमण से गंभीर हो चुके हालात का ब्योरा भी दिया और कहा कि गांव के गांव इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में दवाइयों के साथ ही अस्पतालों में बिस्तर, ऑक्सीजन सहित अन्य चिकित्सा सुविधओं की कमी हो गई है और लोगों का जीवन बचाने में मुश्किलें हो रही हैं।

अली ने कहा कि प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष (पीएमकेयर्स) या एमपीलैड्स के निलंबित कोष से उनके संसदीय क्षेत्र में अभी तक कोई खास चिकित्सा सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है और इस वजह से क्षेत्र के लोगों को बहुत कठिनयाइयों का सामना करना पड़ रहा है तथा ऑक्सीजन और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में लोग असमय दम तोड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच गंभीर हो चुकी स्थिति को देखते हुए, जनप्रतिनिधि होने के नाते मैं देश के सभी सांसदों के लिए सांसद निधि तत्काल बहाल करने की मांग करता हूं ताकि सभी सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में ऑक्सीजन संयंत्र लगाकर और अन्य राहत उपलब्ध कराकर लोगों की जान बचा सके।’’

बसपा सांसद ने स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने में जवाबदेही का विकेंद्रीकरण करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सांसद निधि सांसदों के हवाले करने से वह अपने क्षेत्र की जनता को राहत दे सकेंगे।

उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र में जिला प्रशासन भी राहत प्रदान करने में हाथ खड़े कर दे रहा है।

भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र शाहिद

शाहिद


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