गुजरात विस का बजट सत्र एक फरवरी से, राम मंदिर पर मोदी की प्रशंसा के लिए पारित होगा प्रस्ताव

गुजरात विस का बजट सत्र एक फरवरी से, राम मंदिर पर मोदी की प्रशंसा के लिए पारित होगा प्रस्ताव

गुजरात विस का बजट सत्र एक फरवरी से, राम मंदिर पर मोदी की प्रशंसा के लिए पारित होगा प्रस्ताव
Modified Date: January 31, 2024 / 09:47 pm IST
Published Date: January 31, 2024 9:47 pm IST

अहमदाबाद, 31 जनवरी (भाषा) अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा में गुजरात विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। राज्य के एक मंत्री ने यह जानकारी दी।

बजट सत्र की शुरुआत एक फरवरी को राज्यपाल आचार्य देवव्रत के रस्मी अभिभाषण के साथ होगी, जबकि वित्तवर्ष 2024-25 के लिए बजट दो फरवरी को पेश किया जाएगा।

दूसरी ओर, विपक्षी कांग्रेस ने कहा कि वह महंगाई, बेरोजगारी और हाल ही में वडोदरा की एक झील में नाव पलटने तथा 12 छात्रों एवं दो शिक्षकों की मौत सहित विभिन्न मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार को घेरेगी।

विधायी और संसदीय कार्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बुधवार को गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘पहले दिन, राज्यपाल सदन में अपने संबोधन में राज्य सरकार की पिछले वर्ष की उपलब्धियों को प्रस्तुत करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि अगले दिन (दो फरवरी) वित्त मंत्री कनुभाई देसाई बजट पेश करेंगे। बजट अगले वर्ष के लिए राज्य सरकार के दृष्टिकोण और अगले 25 वर्षों की रूपरेखा को प्रतिबिंबित करेगा।

सरकार के प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी संभाल रहे पटेल ने कहा, ‘‘अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा में एक प्रस्ताव पांच फरवरी को लाया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि विधायकों की मांग पर विचार करते हुए विधानसभा की कोई बैठक शनिवार को नहीं होगी। पहले शनिवार को भी कार्यवाही होनी थी। बजट सत्र का समापन 29 फरवरी को होगा।

कांग्रेस की गुजरात इकाई के प्रवक्ता मनीष जोशी ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, राज्य में बेरोजगारी अब भी व्याप्त है और जनवरी में आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात समिट’ जैसे आयोजनों से केवल कारोबारियों को फायदा हुआ, हमारे युवाओं को नहीं। कांग्रेस विधायक वडोदरा में नौका के पलटने से 12 छात्रों और दो शिक्षकों की मौत का भी मुद्दा उठाएंगे।’’

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश


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