Bulldozer Action on Taj Mahal: ‘ताजमहल’ पर चला बुल्डोजर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ एक्शन, जानिए अजमेर प्रशासन ने क्यों लिया ऐसा फैसला

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Bulldozer Action on Taj Mahal: 'ताजमहल' पर चला बुल्डोजर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ एक्शन, जानिए अजमेर प्रशासन ने क्यों लिया ऐसा फैसला

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  • Publish Date - September 15, 2025 / 02:51 PM IST,
    Updated On - September 15, 2025 / 02:51 PM IST

Bulldozer Action on Taj Mahal: 'ताजमहल' पर चला बुल्डोजर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ एक्शन / Image: X

HIGHLIGHTS
  • ताजमहल पर चला बुलडोजर
  • अवैध निर्माण पर कार्रवाई
  • 11 करोड़ की लागत से बना था पार्क

अजमेर: Bulldozer Action on Taj Mahal अवैध निर्माण पर प्रदेश ही नहीं देश भर के कई राज्यों में लगातार कार्रवाई जारी है। अवैध निर्माण पर कार्रवाई के तहत ताजमहल पर बुलडोजर चलाया गया। बताया जा रहा है​ कि ताज महल सहित कई निर्माण को अवैध बताते हुए प्रशासन ने बुलडोजर चलवाया है, जो लगातार चौथे दिन जारी है। वहीं, कुछ मजदूर ऐसे भी लगाए गए हैं जो छीनी हथौड़ा लेकर ताजमहल के ऊपर चढ़ गए और उसे तोड़ रहे हैं। अतिक्रमण पर कार्रवाई के दौरान माहौल न गरमाए इसलिए भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।

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Bulldozer Action on Taj Mahal दरअसल सेवर वंडर पार्क अजमेर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया था, जिसका उद्घाटन राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2022 में किया था। इसके निर्माण पर 11.64 करोड़ रुपए की लागत आई थी। लेकिन इस पार्क पर अवैध होने का आरोप लगा जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने पहले इस पार्क के निर्माण को वेटलैंड नियमों की अवहेलना करार देते हुए इसे हटाने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने सेवन वंडर पार्क को 17 सितंबर तक हटाने की समय सीमा दी है।

पार्क से स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की प्रतिकृति को पहले ही हटाया जा चुका है। इसमें ताजमहल, एफिल टावर, पीसा की मीनार, मिस्र का गीजा का पिरामिड, रोम का कोलोजियम और रियो डी जेनेरियो का क्राइस्ट द रिडीमर जैसी प्रतिकृतियां बनाई गई थीं। यह पार्क पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया था। अजमेर आनेवाले पर्यटकों के अलावा यहां शादियों की शूटिंग भी होने लगी थी।

इस मामले में शिकायतकर्ता अशोक मलिक ने 2023 में सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल में याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि यह पार्क आम लोगों के करोड़ों रुपए के टैक्स से बनाया गया है जो डूब क्षेत्र में होने की वजह से अवैध निर्माण है। इसके बाद इस मामले में न्यायालय ने सुनवाई के बाद इसे पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करार देते हुए अजमेर नगर निगम और अजमेर जिला प्रशासन को इस पार्क को हटाने का आदेश दिया था।

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अजमेर में "किस" पार्क पर कार्रवाई हो रही है?

अजमेर में सेवन वंडर पार्क पर कार्रवाई हो रही है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हटाया जा रहा है।

पार्क को "अवैध" क्यों घोषित किया गया है?

पार्क को वेटलैंड नियमों का उल्लंघन मानते हुए अवैध घोषित किया गया है, क्योंकि इसका निर्माण डूब क्षेत्र में हुआ था।

इस मामले में "शिकायत" किसने की थी?

इस मामले में शिकायत अशोक मलिक ने 2023 में सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर की थी।

पार्क में "क्या-क्या" बनाया गया था?

पार्क में ताजमहल, एफिल टावर, पीसा की मीनार, मिस्र का गीजा का पिरामिड, रोम का कोलोजियम और रियो डी जेनेरियो का क्राइस्ट द रिडीमर जैसी विश्व के सात अजूबों की प्रतिकृतियां बनाई गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट ने पार्क को "हटाने" के लिए क्या समय सीमा दी है?

सुप्रीम कोर्ट ने 17 सितंबर तक पार्क को पूरी तरह से हटाने की समय सीमा दी है।