मंत्रिमंडल ने कृषि क्षेत्र में सहयोग पर भारत, फिजी के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

मंत्रिमंडल ने कृषि क्षेत्र में सहयोग पर भारत, फिजी के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

मंत्रिमंडल ने कृषि क्षेत्र में सहयोग पर भारत, फिजी के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:14 pm IST
Published Date: March 3, 2021 10:26 am IST

नयी दिल्ली, 3 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग के लिए भारत और फिजी के बीच समझौता ज्ञापन को बुधवार को मंजूरी दे दी ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भारत के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय और फिजी गणराज्य के कृषि मंत्रालय के बीच कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये जाने को मंजूरी दी गई।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, भारत और फिजी के बीच समझौता ज्ञापन के तहत दोनों देश अनुसंधान कर्मियों, विज्ञान विशेषज्ञों, विशेषज्ञों और तकनीकी प्रशिक्षुओं का आदान-प्रदान एवं प्रौद्योगिकी का संवर्धन और हस्तांतरण कर सकेंगे ।

इसके अलावा कृषि विकास के लिए अवसंरचना का विकास, सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित करके अधिकारियों और किसानों के प्रशिक्षण के माध्यम से मानव संसाधन के विकास के क्षेत्र में सहयोग किया जाएगा।

इसके तहत दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच संयुक्त उद्यमों को बढ़ावा दिया जायेगा तथा कृषि वस्तुओं के विपणन और मूल्य संवर्धन एवं प्रसंस्करण में निवेश को बढ़ावा मिलेगा ।

इसमें कहा गया है कि दोनों देश कृषि के सभी क्षेत्रों में क्षमता विकास को बढ़ावा देंगे । इसका मकसद बाजार तक पहुंच के माध्यम से कृषि उत्पादों के प्रत्यक्ष व्यापार को बढ़ावा देना तथा अनुसंधान प्रस्तावों की संयुक्त योजना और विकास तथा अनुसंधान परियोजनाओं और कार्यक्रमों का कार्यान्वयन है।

बयान के अनुसार, समझौता ज्ञापन के तहत, दोनों देशों की कार्यकारी एजेंसियों के माध्यम से एक संयुक्त कार्यकारी समूह (जेडब्ल्यूजी) का गठन किया जाएगा, जो अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देगा तथा सहयोग-कार्यक्रमों की योजना बनाएगा और इनकी सिफारिश करेगा।

जेडब्ल्यूजी प्रत्येक दो साल में बारी-बारी से भारत और फिजी में अपनी बैठक करेगा। यह समझौता ज्ञापन, हस्ताक्षर किये जाने की तारीख से प्रभावी होगा और 5 (पांच) वर्षों की अवधि तक लागू रहेगा।

भाषा दीपक

दीपक दिलीप

दिलीप


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