केआईआईएफबी पर कैग रिपोर्ट : थॉमस इसाक ने केरल के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया

केआईआईएफबी पर कैग रिपोर्ट : थॉमस इसाक ने केरल के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया

केआईआईएफबी पर कैग रिपोर्ट : थॉमस इसाक ने केरल के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया
Modified Date: November 29, 2022 / 09:00 pm IST
Published Date: November 17, 2020 1:31 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 17 नवंबर (भाषा) केआईआईएफबी को लेकर कैग की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने मंगलवार को दावा किया कि केरल की विकास परियोजनाओं को रोकने के लिए राजनीतिक साजिश की जा रही है। जबकि, विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने विधानसभा में रिपोर्ट पेश किए जाने के पहले ही इसके विवरण सार्वजनिक कर नियमों का उल्लंघन करने के लिए इसाक का इस्तीफा मांगा ।

इसाक ने पूर्व में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट को अंतरिम बताया था लेकिन मंगलवार को उन्होंने इसे ‘अंतिम रिपोर्ट’ बताया।

केरल आधारभूत संरचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) के कर्ज मॉडल को असंवैधानिक बताने के लिए कैग के विवरण को इसाक ने एकतरफा फैसला बताया। उन्होंने अलप्पुझा में संवाददाताओं से कहा कि इसे तैयार करने के पहले सरकार के साथ विचार-विमर्श नहीं किया गया।

केआईआईएफबी केरल में आधारभूत संरचना विकास से जुडी बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार की मुख्य एजेंसी है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मुद्दा यह नहीं है कि यह मसौदा या अंतिम रिपोर्ट में है या नहीं । इसे ऐसे देखने की जरूरत है कि किस तरह यह राज्य में विकास पर असर डालेगा। कांग्रेस नेतृत्व वाला यूडीएफ भी इस पर चुप्पी साधे हैं। ’’

इसाक ने आरोप लगाया कि प्रारूप रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं था। दिल्ली से की जा रही साजिश के तहत इसमें चार पन्ने जोड़े गए

इसाक ने दावा किया कि कैग का मकसद राज्य को अस्थिर करना और विभिन्न विकास परियोजनाओं को रोकना है। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल के खिलाफ ‘‘बड़ी साजिश’’ की जा रही है । उन्होंने जोर दिया कि इस मुद्दे पर सभी दलों को एक साथ आने की जरूरत है।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीतला ने कहा कि मंत्री ने सदन में रिपोर्ट पेश होने से पहले मीडिया के सामने इसे उजागर कर नियमों का उल्लंघन किया और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरंद्रन ने कहा कि इसाक ने कैग की रिपोर्ट की विषयवस्तु को मीडिया के सामने उजागर कर पद की गोपनीयता का उल्लंघन किया और मुख्यमंत्री को उनका इस्तीफा लेना चाहिए।

भाषा आशीष उमा

उमा


लेखक के बारे में