कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न से जुड़ी आईएसएफ की याचिका खारिज की

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कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न से जुड़ी आईएसएफ की याचिका खारिज की

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  • Publish Date - September 30, 2026 / 12:14 PM IST,
    Updated On - September 30, 2026 / 12:14 PM IST

कोलकाता, 30 सितंबर (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें नवगठित डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (डीटीसी) को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न पुन: आवंटित करने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती दी गई थी।

आईएसएफ ने उच्च न्यायालय का रुख करते हुए दावा किया था कि उसने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2026 के विधानसभा चुनाव ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न पर लड़े थे, लेकिन उसकी आपत्ति के बावजूद यह चिह्न डीटीसी को पुन: आवंटित कर दिया गया।

न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने अदालत में फैसला सुनाते हुए कहा कि आईएसएफ की याचिका खारिज की जाती है।

निर्वाचन आयोग ने नौशाद सिद्दीकी नीत आईएसएफ को हाल ही में ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न के बजाय ‘अलमारी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया था।

आईएसएफ ने निर्वाचन आयोग की इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए सवाल उठाया था कि क्या आयोग ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल उचित तरीके से किया। पार्टी ने मांग की थी कि निर्वाचन आयोग ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न को ‘फ्रीज’ कर दे, यानी उसे किसी भी पार्टी को आवंटित न किया जाए।

वहीं निर्वाचन आयोग ने अदालत में कहा कि आईएसएफ एक पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है। इसलिए उसे किसी चुनाव चिह्न पर स्थायी अधिकार नहीं है, जैसा कि भाजपा या कांग्रेस जैसी मान्यता प्राप्त पार्टियों को है।

निर्वाचन आयोग के वकील ने अदालत में दलील दी कि ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आईएसएफ को केवल दो चुनावों में इस्तेमाल करने के लिए आवंटित किया गया था।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा