कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ममता बनर्जी नीत तृणमूल गुट की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ममता बनर्जी नीत तृणमूल गुट की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ममता बनर्जी नीत तृणमूल गुट की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया
Modified Date: June 30, 2026 / 01:52 pm IST
Published Date: June 30, 2026 1:52 pm IST

कोलकाता, 30 जून (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बैंक खाते से लेन-देन पर रोक लगाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।

तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों द्वारा पार्टी के खातों में जमा धन के स्रोत की जांच की मांग को लेकर की गई शिकायतों के बाद अधिकारियों ने तृणमूल के तीन बैंक खातों पर ‘डेबिट फ्रीज’ (किसी बैंक खाते से पैसे निकालने पर रोक) लगा दी है।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की याचिका को प्राथमिकता देने से इनकार करते हुए न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि मामले की सुनवाई सूचीबद्धता क्रम के अनुसार ही होगी।

ममता बनर्जी नीत गुट की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत को बताया कि पार्टी के तीन बैंक खातों पर ‘डेबिट फ्रीज’ लगा दिया गया है, जिससे इन खातों से होने वाले सभी बाहरी लेनदेन पर रोक लग गई है। उन्होंने मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया।

हालांकि, अदालत ने तत्काल सुनवाई का अनुरोध खारिज कर दिया।

तृणमूल कांग्रेस के जिन तीन बैंक खातों पर रोक लगाई गई है, उनमें लगभग 440 करोड़ रुपये जमा हैं।

यह कार्रवाई बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के समर्थक कुछ विधायकों द्वारा बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के साइबर अपराध थाने में दर्ज कराई गई शिकायतों के बाद की गई है। शिकायत में उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कर खातों की विस्तृत जांच कराने की मांग की थी।

विधायकों ने अपनी शिकायत में बैंक खातों में जमा धन के स्रोत पर सवाल उठाते हुए सभी लेन-देन की जांच कराने की मांग की।

उन्होंने जांचकर्ताओं से यह पता लगाने का आग्रह किया कि खातों में जमा धन वैध स्रोतों से आया है या फिर कथित अवैध गतिविधियों, जैसे ‘कट मनी’ की वसूली, सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और घोटालों से अर्जित रकम से जुड़ा हुआ है।

भाषा गोला दिलीप

दिलीप


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