कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पूर्व मंत्री अरूप विश्वास की त्वरित सुनवाई की मांग खारिज की

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पूर्व मंत्री अरूप विश्वास की त्वरित सुनवाई की मांग खारिज की

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पूर्व मंत्री अरूप विश्वास की त्वरित सुनवाई की मांग खारिज की
Modified Date: June 8, 2026 / 01:19 pm IST
Published Date: June 8, 2026 1:19 pm IST

कोलकाता, आठ जून (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता अरूप विश्वास की उस याचिका पर त्वरित सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने पुलिस की ओर से किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण की मांग की थी।

पूर्व खेल मंत्री को पुलिस ने सोमवार को पूछताछ के लिए तलब किया है। वह पिछले सप्ताह पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुए थे। यह मामला पिछले वर्ष साल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के एक कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था से संबंधित है।

न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने हालांकि टीएमसी नेता के वकील को उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देने वाली याचिका दायर करने की अनुमति दे दी, लेकिन कहा कि मामले की सुनवाई सूची के क्रम के अनुसार ही होगी।

विश्वास के वकील ने अदालत में याचिका दायर करने की अनुमति और प्राथमिकी को रद्द करने के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई से सुरक्षा देने की मांग की थी और मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था।

यह प्राथमिकी कार्यक्रम आयोजक शताद्रु दत्ता द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसमें पूर्व मंत्री पर टिकटों की कालाबाजारी, उगाही, आपराधिक धमकी और धोखाधड़ी जैसे आरोप लगाए गए।

साल्ट लेक स्टेडियम में 13 दिसंबर 2025 को आयोजित इस कार्यक्रम में उस समय अव्यवस्था उत्पन्न हो गई थी जब कथित रूप से कई लोगों ने बिना वैध प्रवेश पत्र के मैदान में प्रवेश किया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बाधित हो गई और भीड़ अनियंत्रित हो गई।

कई दर्शकों ने शिकायत की थी कि महंगे टिकट खरीदने के बावजूद वे न तो मेसी को ठीक से देख पाए और न ही कार्यक्रम का आनंद ले पाए, क्योंकि भीड़ अत्यधिक बढ़ गई थी।

अव्यवस्था के बीच मेसी स्टेडियम से जल्दी चले गए, जिसके बाद कुछ नाराज दर्शकों ने स्टेडियम के हिस्सों में तोड़फोड़ की।

बाद में पुलिस ने आयोजक दत्ता को गिरफ्तार किया था, जो 37 दिन हिरासत में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुए। रिहाई के बाद उन्होंने कार्यक्रम की विफलता और नुकसान के लिए अरूप विश्वास को जिम्मेदार ठहराया।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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