बंगाल विधानसभा चुनावों के पहले चरण के लिए प्रचार समाप्त, 23 अप्रैल को मतदान
बंगाल विधानसभा चुनावों के पहले चरण के लिए प्रचार समाप्त, 23 अप्रैल को मतदान
कोलकाता, 21 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम छह बजे समाप्त हो गया। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और लोगों की खान-पान की आदतें राज्य के दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी दलों (भाजपा और तृणमूल) के बीच आरोप-प्रत्यारोप के मुख्य दो मुद्दे रहे तथा दोनों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए कई वादे किए।
उत्तरी बंगाल के 152 निर्वाचन क्षेत्रों और राज्य के दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में 23 अप्रैल को मतदान होना है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान कर सकेंगे। इन मतदाताओं में लगभग 1.84 करोड़ पुरुष, 1.75 करोड़ महिला और 465 उभयलिंगी मतदाता शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की रिकॉर्ड 2,450 कंपनियों को तैनात किया है, जिनमें लगभग 2.5 लाख कर्मी शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पहले चरण के लिए 8,000 से अधिक मतदान केंद्रों को ‘अत्यधिक संवेदनशील’ के रूप में चिह्नित किया है।
आयोग ने मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, कूच बिहार, बीरभूम और बर्धमान जैसे कुछ जिलों को ‘विशेष रूप से संवेदनशील’ के तौर पर चिह्नित किया है और इन क्षेत्रों के सभी निर्वाचन क्षेत्रों को कड़ी निगरानी में रखा है।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है, जिन्हें निगरानी टीम और 2,193 त्वरित प्रतिक्रिया टीम का सहयोग प्राप्त है, ताकि किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी (भाजपा, नंदीग्राम), पूर्व केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रामाणिक (भाजपा, माथाभांगा), राज्य के मंत्री उदयन गुहा (तृणमूल, दिनहाटा), गौतम देब (तृणमूल, सिलीगुड़ी) और अधीर रंजन चौधरी (कांग्रेस, बहरामपुर) शामिल हैं।
भाषा
शुभम माधव
माधव

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