नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को दुर्लभ जीव-जंतुओं और पक्षियों की तस्करी से जुड़े मामलों पर भारत और थाईलैंड की एजेंसियों के बीच दो दिवसीय समन्वय बैठक आयोजित की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि एशिया में इस तरह की तस्करी का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
यह बैठक ‘इंटरपोल’ के पर्यावरण सुरक्षा उप-निदेशालय के सहयोग से आयोजित की गई। इसमें विदेशी प्रजातियों की तस्करी के तौर-तरीकों, तस्करी के रास्तों और जीवित पशुओं को छिपाने व एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के संबंध में चर्चा की जाएगी।
सीबीआई ने एक बयान में कहा कि बैठक में तस्करी में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होगी।
बैठक का उद्घाटन करते हुए सीबीआई के विशेष निदेशक मनोज शशिधर ने कहा कि जानवरों और पक्षियों की तस्करी अब केवल वन्यजीव संरक्षण का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध का रूप ले रही है।
शशिधर ने वन्यजीव तस्करी में शामिल फरार आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल नोटिस जारी कराने के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जीवित जानवरों और पक्षियों की तस्करी में कई बिचौलिये और अलग-अलग रास्ते शामिल हो सकते हैं और ऐसे मामलों की प्रभावी जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है।
सीबीआई के बयान के अनुसार, दक्षिण-पूर्व एशिया और दक्षिण एशिया के बीच इस तरह की तस्करी में वृद्धि देखी गई है।
भाषा शफीक नरेश
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