सीबीआई को चावल घोटाले में दिल्ली के खाद्य मंत्री सिरसा की भूमिका की जांच करनी चाहिए: आप
सीबीआई को चावल घोटाले में दिल्ली के खाद्य मंत्री सिरसा की भूमिका की जांच करनी चाहिए: आप
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में सब्सिडी वाले चावल के आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गयी प्राथमिकी में दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा का नाम शामिल है तथा एजेंसी से इस ‘घोटाले’ में उनकी भूमिका की जांच करनी चाहिए।
आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि सीबीआई की प्राथमिकी के मुताबिक, सिरसा के विभाग के अधिकारियों ने मंत्री से बातचीत करने के बाद ही पहल की थी।
भारद्वाज ने यहां प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘सीबीआई ने अब उस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है जिसके बारे में हम इतने दिनों से आरोप लगा रहे थे। प्राथमिकी में कहा गया है कि ‘नेरामैक’ ने साफ तौर पर कहा था कि चावल दिहाड़ी मज़दूरों और उन ग़रीबों में बांटा जाना था जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं। सिरसा खाद्य और आपूर्ति मंत्री हैं तथा हम चाहते हैं कि सीबीआई उनकी भूमिका की जांच करे।’’
पिछले महीने, सिरसा ने आप के आरोपों को खारिज कर दिया था और भारद्वाज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी। मंत्री ने कहा था कि आप नेता 24 घंटे के अंदर अपने आरोप वापस लें और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, ‘‘नहीं तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।’’
सीबीआई ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की कथित अनियमितताओं को लेकर 31 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की। मामला यह था कि ग़रीब मज़दूरों के लिए सब्सिडी वाला चावल ‘नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल एग्रीकल्चरल मार्केटिंग कॉर्पोरेशन’ (नेरामैक) को दिया गया, जहां से उसे मुनाफ़ा कमाने के लिए व्यापारियों तक पहुंचा दिया गया।
भारद्वाज ने आरोप लगाया, ‘‘नेरामैक के एक पत्र में साफ तौर पर कहा गया था कि यह चावल दिहाड़ी मजदूरों के लिए था। इससे यह भी पता चलता है कि खाद्य और आपूर्ति विभाग ने एफसीआई को सिर्फ एक पत्र नहीं भेजा, बल्कि गरीबों में सब्सिडी वाला चावल बांटने के लिए एक ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र भी जारी किया, जिसे बाद में कमीशन के बदले हरियाणा के एक व्यापारी को दे दिया गया।’’
भारद्वाज ने यह भी कहा कि वह इस मामले और अन्य ‘घोटालों’ पर चर्चा करने के लिए पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से मिलेंगे।
सीबीआई ने एफसीआई और ‘नेरामैक’ के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लेते हुए कई तरह की गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। इनमें नीति विरुद्ध आवंटन, अधिकारियों पर दबाव, व्यापारियों तक चावल पहुंचाना और जनता में वितरण दिखाने के लिए झूठे रिकॉर्ड तैयार करना शामिल है, जिसके कारण एफसीआई को 28 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ है।
सीबीआई का आरोप है कि नेरामैक (गुवाहाटी) के एक अवर महाप्रबंधक ने सात जनवरी के एक पत्र के जरिए दिल्ली सरकार के खाद्य और आपूर्ति मंत्री से 2025-26 के लिए ‘ओपन मार्केट सेल स्कीम (घरेलू)’ के तहत ‘ई-नीलामी में भाग लिए बिना चावल की बिक्री’ श्रेणी में हर हफ़्ते 31,000 मीट्रिक टन चावल आवंटित करने का अनुरोध किया था ।
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश

Facebook


