जनगणना कार्य में लगे शिक्षक स्कूल ड्यूटी पर माने जाएंगे, जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकते: अदालत

जनगणना कार्य में लगे शिक्षक स्कूल ड्यूटी पर माने जाएंगे, जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकते: अदालत

जनगणना कार्य में लगे शिक्षक स्कूल ड्यूटी पर माने जाएंगे, जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकते: अदालत
Modified Date: August 21, 2026 / 06:49 pm IST
Published Date: August 21, 2026 6:49 pm IST

कोलकाता, 21 अगस्त (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि जनगणना कार्य के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षक स्कूल ड्यूटी पर ही माने जाएंगे और वे इस जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकते।

अदालत ने शिक्षकों को जनसंख्या सर्वेक्षण के काम में लगाए जाने से संबंधित याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि अगर जनगणना अभियान के निदेशक और प्रभारी अधिकारी शिक्षकों की सेवाएं लेना चाहते हैं, तो उनके काम की तारीख, समय और स्थान की जानकारी स्कूल के प्रमुख को दी जानी चाहिए।

न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने कहा कि जनगणना अधिकारियों से ऐसा अनुरोध मिलने पर संस्थान के प्रधान को शिक्षकों को जनगणना कार्य के लिए जाने की अनुमति देनी होगी और साथ ही, उपलब्ध शिक्षकों के जरिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

अदालत ने कहा कि जनगणना कार्य में लगाए गए शिक्षकों को जनगणना अधिनियम की धारा 15ए के प्रावधानों के तहत स्कूल ड्यूटी पर ही माना जाएगा।

इस धारा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना संबंधी कार्य से किसी कर्मचारी के करियर, नौकरी की स्थिति या पदोन्नति के अवसरों पर प्रतिकूल असर न पड़े।

न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने यह भी कहा कि सक्षम अधिकारियों द्वारा जनगणना कार्य के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षक इस जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकते।

पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार को अदालत को बताया था कि शिक्षकों को स्कूल के समय के बाद और सप्ताहांत में जनगणना कार्य करने संबंधी अधिसूचना को वापस ले लिया गया है।

भाषा जितेंद्र अविनाश

अविनाश


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