सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशन्स से जुड़े ऋण धोखाधड़ी मामले में पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया

सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशन्स से जुड़े ऋण धोखाधड़ी मामले में पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया

सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशन्स से जुड़े ऋण धोखाधड़ी मामले में पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया
Modified Date: August 21, 2026 / 09:28 pm IST
Published Date: August 21, 2026 9:28 pm IST

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलासंय कम्युनिकेशन्स लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े 1,200 करोड़ रुपये के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में मुंबई की एक विशेष अदालत में पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि पूरक आरोप-पत्र मुंबई में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष दाखिल किया गया और इसमें रिलायंस एडीए ग्रुप के समूह प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला को आपराधिक साजिश, आपराधिक गबन और धोखाधड़ी के अपराधों के लिए आरोपी बनाया गया है।

सीबीआई ने एक बयान में कहा कि उसकी जांच से पता चला है कि समूह में अहम पद पर तैनात झुनझुनवाला ने एक आपराधिक साजिश के तहत काम किया और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड तथा रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड के लिए “बेईमानी और फर्जीवाड़े से 1,200 करोड़ रुपये का सावधि ऋण हासिल करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ धोखाधड़ी की”।

बयान के मुताबिक, दोनों कंपनियों ने ऋण नहीं चुकाया, जिससे “बैंक को लगभग 971.25 करोड़ रुपये का नुकसान” हुआ।

यह मामला एसबीआई से मिली शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। प्राथमिकी के अनुसार, इस मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों का कुल जोखिम 19,694.33 करोड़ रुपये है।

जांच एजेंसी ने इससे पहले 29 मई को 16 आरोपियों के खिलाफ पहला आरोप-पत्र दाखिल किया था, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारी और 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं।

इसके बाद तीन और आरोपियों- नेटिजन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक अनिल जमना काल्या और टुनू साहू- के खिलाफ एक पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया था।

सीबीआई के मुताबिक, अमिताभ झुनझुनवाला के खिलाफ दूसरा आरोप-पत्र दाखिल होने के साथ इस मामले में कुल 20 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है।

एजेंसी ने कहा कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और अन्य पहलुओं की जांच जारी है।

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश


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