केंद्र ने ‘अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे’ के तहत 2,400 करोड़ रु से अधिक की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी

केंद्र ने ‘अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे’ के तहत 2,400 करोड़ रु से अधिक की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी

केंद्र ने ‘अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे’ के तहत 2,400 करोड़ रु से अधिक की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी
Modified Date: August 21, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: August 21, 2026 7:15 pm IST

ईटानगर, 21 अगस्त (भाषा) केंद्र ने ‘अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे’ के करीब 278 किलोमीटर हिस्से के लिए 2,423.70 करोड़ रुपये की पांच सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 11 से 20 अगस्त के बीच सीगल इंडिया लिमिटेड की अगुवाई वाले संयुक्त उपक्रमों को इन पांच परियोजनाओं के लिए ‘लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस’ जारी किए।

इन परियोजनाओं के तहत ऊपरी सुबनसिरी और पश्चिम सियांग जिलों में क्रमशः सरली-हुरी, हुरी-तालीहा और बिले-मिगिंग खंडों पर सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि सबसे बड़ी परियोजना के तहत सरली-हुरी खंड में 78.38 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा।

इसकी बोली लागत 611.10 करोड़ रुपये है और इसे 36 महीने में पूरा किया जाना है।

एक अन्य परियोजना के तहत हुरी-तालीहा खंड में 57.525 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 525 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना को पूरा करने की अवधि 48 महीने है।

सीगल इंडिया की अगुवाई वाले संयुक्त उपक्रमों ने हुरी-तालीहा खंड में 55.725 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 521 करोड़ रुपये का ठेका भी हासिल किया है।

अधिकारियों ने बताया कि चौथी परियोजना के तहत हुरी-तालीहा खंड में 492.52 करोड़ रुपये की लागत से 49.15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा।

वहीं, 274.08 करोड़ रुपये की लागत से बिले-मिगिंग खंड में 37.56 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है।

राष्ट्रीय राजमार्ग-913 (एनएच-913) के रूप में नामित ‘अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे’ देश की सबसे महत्वाकांक्षी रणनीतिक सड़क परियोजनाओं में से एक है।

इसका उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे दूरदराज के गांवों तक संपर्क सुविधा बेहतर करना है।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश


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