केंद्र ने महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का कार्यकाल नौ महीने और बढ़ाया

केंद्र ने महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का कार्यकाल नौ महीने और बढ़ाया

केंद्र ने महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का कार्यकाल नौ महीने और बढ़ाया
Modified Date: April 11, 2026 / 11:45 am IST
Published Date: April 11, 2026 11:45 am IST

भुवनेश्वर, 11 अप्रैल (भाषा) केंद्र सरकार ने महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का कार्यकाल नौ महीने बढ़ाकर अगले वर्ष 13 जनवरी तक कर दिया है।

एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि इससे ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच नदी जल बंटवारे से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक समय मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि केंद्र के इस निर्णय की अधिसूचना जल शक्ति मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी की। न्यायाधिकरण का वर्तमान कार्यकाल 13 अप्रैल को समाप्त होना था।

अधिकारी ने कहा कि यह निर्णय ओडिशा और छत्तीसगढ़ सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से किए गए अनुरोध के बाद लिया गया ताकि विवाद निपटान की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।

दोनों राज्यों ने केंद्र से आग्रह किया था कि कोविड-19 महामारी और नौ महीने तक स्थायी अध्यक्ष के अभाव के कारण कोई काम नहीं हो सका, इसलिए न्यायाधिकरण का कार्यकाल बढ़ाना आवश्यक है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘कार्यकाल बढ़ने से न्यायाधिकरण की सुनवाई जारी रह सकेगी और अंतिम निर्णय के बिना पैनल की अवधि समाप्त होने से बचा जा सकेगा।’’

यह न्यायाधिकरण 2018 में गठित किया गया था जब ओडिशा सरकार ने आरोप लगाया था कि पड़ोसी छत्तीसगढ़ ने महानदी के ऊपरी हिस्से में कई बैराज बनाकर निचले हिस्से में पानी के प्रवाह को बाधित किया है।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जहां न्यायाधिकरण में कानूनी पहलुओं पर सुनवाई चल रही है, वहीं दोनों राज्य सरकारें आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए भी बातचीत कर रही हैं और इसके लिए कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी


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