केंद्र ने कोबरा की दो बटालियन मणिपुर भेजने का आदेश दिया
केंद्र ने कोबरा की दो बटालियन मणिपुर भेजने का आदेश दिया
नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) केंद्र ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की जंगल युद्धक इकाई कोबरा की दो बटालियन को मणिपुर में अभियानगत कार्यों के लिए तैनात करने का आदेश दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
मणिपुर में मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में मई 2023 से 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं। राज्य प्रशासन और केंद्र सरकार राज्य में स्थायी शांति बहाल करने के प्रयास कर रहे हैं।
अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ की दो कोबरा बटालियन- पश्चिम बंगाल स्थित 207वीं बटालियन और असम स्थित 210वीं बटालियन- की मणिपुर में अभियानगत कार्यों के लिए तैनाती के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा, ‘‘कोबरा की ये दोनों बटालियन मणिपुर में हिंसा में शामिल सशस्त्र समूहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएंगी।’’
उन्होंने कहा कि चिह्नित इकाइयां अगले कुछ सप्ताह में राज्य में पहुंचेंगी।
पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में उग्रवाद के अलावा कई भारतीय राज्यों में व्याप्त वामपंथी उग्रवाद के खतरे से निपटने के लिए सीआरपीएफ ने 2008-09 में ‘कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन’ (कोबरा) का गठन किया था।
कोबरा की फिलहाल कुल 10 बटालियन हैं और वे ज्यादातर नक्सल-रोधी अभियानों में तैनात हैं। कोबरा की प्रत्येक बटालियन में करीब 1,000 कमांडो होते हैं।
गृह मंत्रालय ने इस बटालियन के कमांडो को नक्सलियों के खिलाफ खुफिया जानकारी आधारित जंगल युद्ध और गुरिल्ला रणनीति वाले सफल अभियान चलाने का श्रेय दिया है। मंत्रालय के अनुसार, इन अभियानों से इस वर्ष मार्च में देश में माओवादी हिंसा का अंत हुआ।
अधिकारियों ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अभियान अब छिपे आईईडी का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने तथा क्षेत्र की सामान्य सुरक्षा तक मुख्य रूप से सीमित रह गए हैं तथा ऐसे में सीआरपीएफ ने कोबरा की दो इकाइयों को मणिपुर भेजने की योजना बनाई, जहां पूर्ण शांति बहाल करने का ‘‘काम अभी जारी’’ है।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘देश में सशस्त्र नक्सलवाद के अंत के बाद नक्सल हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में सेवा देने के लिए कोबरा और सीआरपीएफ की अन्य इकाइयां भी उपलब्ध हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अंतिम निर्णय लिए जाने के बाद एक या दो कोबरा इकाइयों को पूर्ण अभियान के लिए जम्मू कश्मीर भी भेजा जा सकता है।’’
भाषा
सिम्मी गोला
गोला

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