केंद्र ने दिल्ली सरकार की घर-घर राशन पहुंचाने की योजना खारिज की: सिसोदिया

केंद्र ने दिल्ली सरकार की घर-घर राशन पहुंचाने की योजना खारिज की: सिसोदिया

केंद्र ने दिल्ली सरकार की घर-घर राशन पहुंचाने की योजना खारिज की: सिसोदिया
Modified Date: November 29, 2022 / 07:53 pm IST
Published Date: June 23, 2021 10:49 am IST

नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को कहा कि केंद्र ने दिल्ली सरकार की प्रस्तावित घर-घर राशन वितरण योजना को खारिज कर दिया है और इसे खारिज करने के लिए ‘हास्यास्पद बहाने’ दिए हैं।

सिसोदिया ने हालांकि, दावा किया कि दिल्ली सरकार ने केंद्र को योजना के संबंध में कभी कोई प्रस्ताव नहीं भेजा।

उपमुख्यमंत्री ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘‘राज्यों के साथ झगड़ने’’ का आरोप लगाया।

सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार को मंगलवार को केंद्र से एक पत्र मिला जिसमें कहा गया है कि गरीब लोगों के लिए घर-घर राशन वितरण योजना के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि केंद्र ने अपने फैसले को लेकर ‘‘हास्यास्पद बहाने’’ दिए हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने पूछा कि संकरी गलियों और बहुमंजिला इमारतों में रहनेवाले लाभार्थियों को राशन कैसे पहुंचाया जाएगा तथा राशन वितरण वैन खराब होने पर क्या होगा।

सिसोदिया ने दावा किया कि दिल्ली सरकार ने इस योजना पर कोई प्रस्ताव केंद्र को मंजूरी के लिए नहीं भेजा था।

उन्होंने कहा, “जब उन्हें (केंद्र) कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया तो उन्होंने किस प्रस्ताव को खारिज कर दिया?”

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण की जिम्मेदारी राज्य की है। अगर लोगों के घरों में पिज्जा, कपड़े और अन्य वस्तुएं पहुंचाई जा सकती हैं, तो राशन उनके घर तक क्यों नहीं पहुंचाया जा सकता है?”

पश्चिम बंगाल और महारष्ट्र सरकार से केंद्र के विवाद का जिक्र करते हुए सिसोदिया ने कहा, “ मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि वह क्यों हमेशा झगड़ने के मूड में रहते हैं। देश ने पिछले 75 साल में ऐसा झगड़ालू प्रधानमंत्री नहीं देखा है।”

दिल्ली सरकार ने घर-घर राशन पहुंचाने की शुरुआत करने की योजना बनाई थी।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उपराज्यपाल ने योजना से संबंधित फाइल को यह कहते हुए वापस कर दिया कि इसे लागू नहीं किया जा सकता।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, अगर योजना को लागू किया जाता है तो शहर के 72 लाख राशनकार्ड धारकों को फायदा होगा।

भाषा

नोमान नेत्रपाल

नेत्रपाल


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