केंद्र ने जी5 से ‘सतलुज’ को हटाने की परिस्थितियों की जांच के लिए समिति गठित की : पंजाब भाजपा

केंद्र ने जी5 से ‘सतलुज’ को हटाने की परिस्थितियों की जांच के लिए समिति गठित की : पंजाब भाजपा

केंद्र ने जी5 से ‘सतलुज’ को हटाने की परिस्थितियों की जांच के लिए समिति गठित की : पंजाब भाजपा
Modified Date: July 7, 2026 / 09:41 pm IST
Published Date: July 7, 2026 9:41 pm IST

चंडीगढ़, सात जुलाई (भाषा) केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई ने मंगलवार को दावा किया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ओटीटी मंच जी5 से फ़िल्म ‘सतलुज’ को हटाए जाने से जुड़े हालात की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली एक समीक्षा समिति बनाई है।

इससे पहले, सरकारी सूत्रों ने बताया था कि केंद्र सरकार, दिलजीत दोसांझ की फ़िल्म ‘सतलुज’ को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमावलली 2021 के तहत बनी एक अंतर-विभागीय समिति को भेजने की योजना बना रही है, ताकि इसकी विस्तार से जांच हो सके और आगे की कार्रवाई तय की जा सके।

इस फिल्म का पहले नाम ‘पंजाब ’95’ था और जो 1990 के दशक के अशांत दौर में पंजाब में कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की ज़िंदगी पर आधारित है। हालांकि तीन जुलाई को जी5 पर ‘सतलुज’ नाम से बिना किसी कट-छांट के यह फिल्म रिलीज की गई।

हालांकि, सेंसर बोर्ड के पास तीन साल से ज़्यादा समय तक अटकी रही इस फिल्म को दो दिन बाद पांच जुलाई को मंच से हटा दिया गया।

पंजाब भाजपा ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने यह कदम पार्टी प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की अपील पर उठाया है।

पार्टी ने बयान में कहा, ‘‘सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ओटीटी मंच से फिल्म ‘सतलुज’ को हटाए जाने से जुड़ी परिस्थितियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समीक्षा समिति गठित करने को निर्देश दिया है।’’

ढिल्लों ने कहा कि पंजाब का सिनेमा और उसके कलाकार हमारे लोगों की आवाज़, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ जब पंजाबी फिल्म उद्योग के सदस्यों और आम लोगों ने ओटीटी से ‘सतलुज’ को हटाए जाने के तरीके पर गंभीर चिंता जताई, तो मुझे लगा कि इस मामले को भारत सरकार के सामने रखना मेरी ज़िम्मेदारी है।’’

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैं केंद्र सरकार के इस फ़ैसले का स्वागत करता हूं कि उसने इस मामले को समीक्षा समिति को सौंपने का तुरंत निर्णय लिया। उचित प्रक्रिया, पारदर्शिता और पंजाब की सांस्कृतिक व रचनात्मक आवाज़ों का सम्मान,ये सभी बातें हमेशा साथ-साथ चलनी चाहिए। मुझे पूरा भरोसा है कि समिति इस मामले की व्यापक समीक्षा करेगी, और मैं इस मुद्दे पर पंजाब के कलाकारों और यहां के लोगों के साथ खड़ा रहने के लिए प्रतिबद्ध हूं।’’

भाषा धीरज माधव

माधव


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