केंद्र अल्पसंख्यक आयोग में रिक्त पदों को भरने के संबंध में स्पष्ट हलफनामा दाखिल करें: अदालत
केंद्र अल्पसंख्यक आयोग में रिक्त पदों को भरने के संबंध में स्पष्ट हलफनामा दाखिल करें: अदालत
नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) में रिक्तियों के कारण इसके ‘‘निष्क्रिय’’ होने के मुद्दे पर अधिक स्पष्ट हलफनामा दाखिल करने का शुक्रवार को निर्देश दिया। साथ ही अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया का पूरा विवरण और उसे पूरा करने की समय-सीमा बताने को भी कहा।
मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय में अवर सचिव द्वारा दायर की गई वस्तु स्थिति रिपोर्ट ‘‘बिल्कुल निराधार और अस्पष्ट’’ थी।
अदालत ने कहा, ‘‘इसमें यह नहीं बताया गया कि मंत्रालय ने नियुक्ति प्रक्रिया कब शुरू की, इस प्रक्रिया के विभिन्न चरण क्या हैं और उक्त प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह किस स्तर तक आगे बढ़ी है।’’
इसने आदेश दिया, ‘‘इसलिए हम प्रतिवादी से उपरोक्त विवरण देते हुए एक स्पष्ट हलफनामा दाखिल करने और नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक समयसीमा निर्धारित करने की मांग करते हैं।’’
अदालत ने केंद्र को हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था और मामले की अगली सुनवाई की तिथि 27 फरवरी तय की।
उच्च न्यायालय ने 30 जनवरी को एनसीएम में रिक्तियों के कारण इसके ‘‘निष्क्रिय’’ होने को लेकर चिंता व्यक्त की थी और केंद्र से यह बताने को कहा था कि इस निकाय में सभी पद कब तक भरे जाएंगे।
एनसीएम में रिक्तियों के मुद्दे पर मुजाहिद नफीस नामक व्यक्ति द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने टिप्पणी की थी कि आयोग एक वैधानिक निकाय है जिसमें पिछले साल अप्रैल से कोई अध्यक्ष या सदस्य नहीं है।
इसने केंद्र से सभी रिक्तियों को भरने के लिए उठाये गये कदमों का विस्तृत विवरण देते हुए एक हलफनामा दाखिल करने को कहा था।
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश

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