एफसीआरए संशोधनों के जरिए अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहा है केंद्र: माकपा नेता गोविंदन
एफसीआरए संशोधनों के जरिए अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहा है केंद्र: माकपा नेता गोविंदन
नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 26 जून (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की केरल इकाई के सचिव एम. वी. गोविंदन ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में संशोधनों के जरिए अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बना रही है और अपने वैचारिक एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।
नयी दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में गोविंदन ने कहा कि एफसीआरए में किए गए संशोधन केरल में व्यापक चिंता का कारण बन सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘एफसीआरए में संशोधनों के माध्यम से केंद्र सरकार ऐसी नीति पर आगे बढ़ रही है, जिसका उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाना और अपने वैचारिक एजेंडे को लागू करना प्रतीत होता है। कल्याणकारी गतिविधियों और अन्य धर्मार्थ कार्यों पर पाबंदियां लगाने की कोशिश की जा रही है, जिससे लोगों में आशंका पैदा हो रही है।’’
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 के तहत विभिन्न उल्लंघनों के लिए नियमों को और सख्त करते हुए जुर्माने के प्रावधानों में संशोधन किया है।
इस सप्ताह जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, यदि कोई संगठन विदेशी अंशदान का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा प्रशासनिक खर्चों पर लगाता है, तो उस पर एक लाख रुपये या अतिरिक्त खर्च की पांच प्रतिशत राशि, जो भी अधिक हो, का जुर्माना लगाया जा सकता है।
गोविंदन ने पश्चिमी घाट के लिए प्रस्तावित पारिस्थितिकीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) अधिसूचना में आबादी वाले क्षेत्रों को शामिल किए जाने के केंद्र सरकार के प्रस्तावित कदम का भी विरोध किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव के तहत 31 गांव पूरी तरह और 92 गांव आंशिक रूप से अधिसूचना के दायरे में आ जाएंगे, जिससे रिहायशी इलाके, स्कूल, धार्मिक स्थल, कृषि भूमि और बागान प्रभावित होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि यह प्रस्ताव लागू हुआ तो केरल के लगभग 45 लाख लोग प्रभावित होंगे। इन क्षेत्रों में लोग निर्माण कार्य नहीं कर सकेंगे और कृषि गतिविधियों पर भी गंभीर प्रतिबंध लग जाएंगे। इसलिए इन सभी गांवों को प्रस्तावित अधिसूचना से बाहर रखा जाना चाहिए।’’
गोविंदन ने कहा कि पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने इन गांवों को छूट देने का अनुरोध केंद्र से किया था, लेकिन बताया जा रहा है कि इस मांग को स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
माकपा नेता ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पीले राशन कार्ड धारकों के लिए खाद्यान्न आवंटन में कथित कटौती के केंद्र सरकार के फैसले की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि केरल में देश की सबसे प्रभावी सार्वजनिक वितरण प्रणालियों में से एक है और प्रस्तावित कटौती से राज्य के करीब पांच लाख परिवार प्रभावित होंगे।
गोविंदन ने कहा, ‘‘राज्य सरकार इस मुद्दे पर पहले ही केंद्र सरकार को पत्र लिख चुकी है। लेकिन केवल पत्राचार से इसका समाधान नहीं होगा। इसके लिए गंभीर हस्तक्षेप और जनआंदोलन की आवश्यकता है। यदि राज्य सरकार इस मुद्दे पर लोगों को संगठित करने की पहल करती है, तो हम उसका पूरा समर्थन करेंगे।’’
भाषा शोभना वैभव
वैभव

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