Chabahar Port India/Image Source: IBC24 File
नई दिल्ली: Chabahar Port India: ईरान के चाबहार बंदरगाह परियोजना से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि अमेरिका के दबाव में भारत चाबहार परियोजना से पीछे हट रहा है जिससे देश के रणनीतिक हितों को नुकसान पहुंच सकता है।
Chabahar Port India: कांग्रेस के मीडिया सेल के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि चाबहार कोई आम बंदरगाह नहीं है। यह भारत को अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया से एक महत्वपूर्ण, सीधा समुद्री मार्ग देता है जिससे पाकिस्तान को बायपास कर चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का मुकाबला किया जा सकता है। अब यह सुनकर कि भारत ने अमेरिका के दबाव पर बिना किसी औपचारिक घोषणा के पीछे हटने का निर्णय लिया है यह हमारी विदेश नीति में नई गिरावट दर्शाता है। खेड़ा ने आगे कहा कि सवाल चाबहार बंदरगाह या रूसी तेल का नहीं है, बल्कि यह है कि मोदी सरकार अमेरिका को भारत पर अपने राष्ट्रीय हित तय करने की इजाजत क्यों दे रही है।
Chabahar is no ordinary port. It provides India a crucial, direct maritime link to Afghanistan and Central Asia, allowing us to bypass Pakistan and counter China’s Belt & Road Initiative.
To now hear that India has unceremoniously retreated from Chabahar at the first hint of… https://t.co/d6KNkNKaaH
— Pawan Khera 🇮🇳 (@Pawankhera) January 16, 2026
Chabahar Port India: चाबहार पोर्ट को विकसित करने में भारत की दस साल पुरानी भागीदारी अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते अब संकट में है। 12 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी कि फारस की खाड़ी के देशों के साथ बिजनेस करने वाले किसी भी देश को 25 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। इसके पहले 29 सितंबर 2025 से अमेरिका ने चाबहार पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे भारत की रणनीति प्रभावित हुई। भारत सरकार की तरफ से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।