Chabahar Port India: अमेरिका को भारत पर दबाव बनाने की इजाज़त क्यों दे रहे हैं मोदी? चाबहार से पीछे हटने पर कांग्रेस ने उठाया सवाल, कहा- विदेश नीति में…

Chabahar Port India: अमेरिका को भारत पर दबाव बनाने की इजाज़त क्यों दे रहे हैं मोदी? चाबहार से पीछे हटने पर कांग्रेस ने उठाया सवाल, कहा- विदेश नीति में...

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 06:22 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 07:01 PM IST

Chabahar Port India/Image Source: IBC24 File

HIGHLIGHTS
  • चाबहार या रूसी तेल?
  • कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाया आरोप
  • भारत के विदेश नीति में आई नई गिरावट

नई दिल्ली: Chabahar Port India:  ईरान के चाबहार बंदरगाह परियोजना से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि अमेरिका के दबाव में भारत चाबहार परियोजना से पीछे हट रहा है जिससे देश के रणनीतिक हितों को नुकसान पहुंच सकता है।

पवन खेड़ा ने उठाया बड़ा सवाल (India Iran trade route)

Chabahar Port India:  कांग्रेस के मीडिया सेल के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि चाबहार कोई आम बंदरगाह नहीं है। यह भारत को अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया से एक महत्वपूर्ण, सीधा समुद्री मार्ग देता है जिससे पाकिस्तान को बायपास कर चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का मुकाबला किया जा सकता है। अब यह सुनकर कि भारत ने अमेरिका के दबाव पर बिना किसी औपचारिक घोषणा के पीछे हटने का निर्णय लिया है यह हमारी विदेश नीति में नई गिरावट दर्शाता है। खेड़ा ने आगे कहा कि सवाल चाबहार बंदरगाह या रूसी तेल का नहीं है, बल्कि यह है कि मोदी सरकार अमेरिका को भारत पर अपने राष्ट्रीय हित तय करने की इजाजत क्यों दे रही है।

Chabahar Port India:  चाबहार पोर्ट को विकसित करने में भारत की दस साल पुरानी भागीदारी अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते अब संकट में है। 12 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी कि फारस की खाड़ी के देशों के साथ बिजनेस करने वाले किसी भी देश को 25 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। इसके पहले 29 सितंबर 2025 से अमेरिका ने चाबहार पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे भारत की रणनीति प्रभावित हुई। भारत सरकार की तरफ से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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"Chabahar port India" मामले में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर क्या आरोप लगाए?

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अमेरिका के दबाव में भारत ने चाबहार पोर्ट परियोजना से पीछे हटकर देश के रणनीतिक हितों को नुकसान पहुँचाया।

"Chabahar port India" क्यों महत्वपूर्ण है?

चाबहार पोर्ट भारत को अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया तक सीधे समुद्री मार्ग से जोड़ता है, जिससे पाकिस्तान को बायपास किया जा सकता है और चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का मुकाबला किया जा सकता है।

"Chabahar port India" पर अमेरिका ने क्या दबाव डाला?

अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि फारस की खाड़ी के देशों के साथ बिजनेस करने वाले देशों को 25 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है, जिससे भारत की रणनीतिक परियोजना प्रभावित हुई।