Kathavachak Fraud News: वृंदावन के मशहूर कथावाचक पर गंभीर आरोप! भागवत कथा के नाम पर बड़ा सौदा, फिर हो गया ये कांड, अब पुलिस के सामने खुले सारे राज

Kathavachak Fraud News: वृंदावन के मशहूर कथावाचक पर गंभीर आरोप! भागवत कथा के नाम पर बड़ा सौदा, फिर हो गया ये कांड, अब पुलिस के सामने खुले सारे राज

Kathavachak Fraud News: वृंदावन के मशहूर कथावाचक पर गंभीर आरोप! भागवत कथा के नाम पर बड़ा सौदा, फिर हो गया ये कांड, अब पुलिस के सामने खुले सारे राज

Kathavachak Fraud News/Image Source: Generated by AI

Modified Date: January 16, 2026 / 03:56 pm IST
Published Date: January 16, 2026 3:54 pm IST
HIGHLIGHTS
  • भागवत कथा या ठगी का खेल?
  • कथावाचक और गौरक्षक आमने-सामने
  • 35 लाख की लग्जरी कार का लालच

ग्वालियर: Kathavachak Fraud News: ग्वालियर में भागवत कथा आयोजन और सस्ती लग्ज़री कार के सौदे को लेकर वृंदावन के एक कथावाचक और एक गौरक्षक के बीच विवाद सामने आया है। दोनों ने एक-दूसरे पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। मामला थाने तक पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों ने लेन-देन से जुड़े बैंक खातों का ब्यौरा पुलिस को सौंपा। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब मामले की सच्चाई जानने के लिए दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है।

भागवत कथा या ठगी का खेल?  (Gwalior Bhagwat Katha News)

Kathavachak Fraud News: दरअसल मथुरा-वृंदावन निवासी कथावाचक धनवंतरी दास ने आरोप लगाया है कि उनकी पहचान ग्वालियर के अलकापुरी निवासी रामेश्वरदास उर्फ संजय त्रिपाठी से पहले से थी। आरोप है कि रामेश्वरदास ने ग्वालियर में पदस्थ एक अधिकारी की लग्ज़री कार 35 लाख रुपये में दिलाने का झांसा दिया। इस पर भरोसा कर धनवंतरी दास ने 11 लाख रुपये नकद दिए, जबकि 12 लाख रुपये रामेश्वरदास और उसके साथी गौरव झा के बैंक खातों में जमा कराए। कथावाचक का आरोप है कि रकम लेने के बावजूद कार नहीं दिलाई गई। जब पैसे वापस मांगे गए तो झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई।

ग्वालियर में कथावाचक और गौरक्षक आमने-सामने (Gwalior fraud case)

Kathavachak Fraud News: वहीं, गौरक्षक जनसेवा समिति के सचिव रामेश्वरदास, निवासी अलकापुरी, ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वृंदावन धाम निवासी कथावाचक धनवंतरी महाराज ने भागवत कथा आयोजन का ठेका लेकर 25 लाख रुपये हड़प लिए। रामेश्वरदास ने पुलिस को बताया कि यह कथा पिछले वर्ष जनवरी माह में सात दिन तक आयोजित होनी थी। कथावाचक ने टेंट, तंबू, भंडारा, आयोजन स्थल और प्रशासनिक अनुमति सहित सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ली थी। आरोप है कि पूरी रकम लेने के बावजूद कथा का आयोजन नहीं कराया गया। जब पैसे वापस मांगे गए तो वृंदावन में ठगी का मामला दर्ज कराने की धमकी दी गई। इसके बाद कथावाचक और गौरक्षक दोनों शिकायत लेकर विश्वविद्यालय थाना पहुंचे और लेन-देन से संबंधित बैंक खातों के स्टेटमेंट पुलिस को सौंपे। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर उन्हें थाने बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।