चड्ढा ने संसद में पंजाब के मुद्दों की अनदेखी कर जनादेश के साथ विश्वासघात किया : पार्टी

चड्ढा ने संसद में पंजाब के मुद्दों की अनदेखी कर जनादेश के साथ विश्वासघात किया : पार्टी

चड्ढा ने संसद में पंजाब के मुद्दों की अनदेखी कर जनादेश के साथ विश्वासघात किया : पार्टी
Modified Date: April 4, 2026 / 08:27 pm IST
Published Date: April 4, 2026 8:27 pm IST

(तस्वीरों सहित)

चंडीगढ़, चार अप्रैल (भाषा) पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा समेत आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के नेताओं ने शनिवार को आरोप लगाया कि पार्टी नेता राघव चड्ढा ने संसद में राज्य के मुद्दे नहीं उठाकर लोगों के साथ विश्वासघात किया है।

‘आप’ के नेताओं ने दावा किया कि पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने ‘‘8,500 करोड़ रुपये की ग्रामीण विकास कोष (आरडीएफ) बकाया राशि, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े करीब 60,000 करोड़ रुपये के नुकसान और बाढ़ राहत प्रयासों के लिए 1,600 करोड़ रुपये नहीं दिए जाने’’ सहित महत्वपूर्ण मुद्दे नहीं उठाए जबकि उनसे बार-बार इस बारे में संवाद किया गया था।

आप नेताओं ने इस ‘‘चुप्पी’’ को पंजाब के लोगों और जनादेश के साथ विश्वासघात करार देते हुए कहा कि किसानों की चिंताओं और बाढ़ पीड़ितों की दिक्कतों को उठाने में चड्ढा की ‘‘विफलता’’ जमीनी हकीकत से उनके पूरी तरह कटे होने को दर्शाती है।

ये टिप्पणियां आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से बृहस्पतिवार को हटाए जाने के बाद की गईं।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘‘राघव चड्ढा को पंजाब के विधायकों ने इस उम्मीद के साथ राज्यसभा के लिए चुना था कि वह राज्य की चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाएंगे लेकिन वह पंजाब से जुड़ा एक भी संवेदनशील मुद्दा उठाने से पूरी तरह बचते रहे।’’

चीमा ने एक बयान में प्रमुख वित्तीय मुद्दों को गिनाते हुए कहा, ‘‘उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दे नहीं उठाए, जिनमें करीब 8,500 करोड़ रुपये का लंबित आरडीएफ, जीएसटी लागू होने के बाद से उससे जुड़े करीब 60,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान और जीएसटी मुआवजा व्यवस्था में बदलाव के कारण 5,000-6,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय झटके शामिल हैं।’’

चीमा ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मिलने वाली राशि के मुद्दे को भी (चड्ढा ने) पर्याप्त रूप से नहीं उठाया।

चीमा ने दावा किया कि पिछले साल आई विनाशकारी बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री द्वारा पंजाब के लिए 1,600 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा किए जाने के बावजूद उस राशि का एक अंश भी राज्य के खजाने तक नहीं पहुंचा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इन सभी मुद्दों के बारे में चड्ढा को बार-बार बताया गया लेकिन उन्होंने इनमें से एक भी मुद्दा संसद में नहीं उठाया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन्हें उम्मीद के साथ राज्यसभा भेजा था लेकिन उन्होंने इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री के सामने एक बार भी बात नहीं की। यह स्पष्ट रूप से समझौता दर्शाता है।’’

चीमा ने कहा, ‘‘ ‘आप’ आम लोगों को अवसर देती है लेकिन इतने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप रहना पंजाब और उसके लोगों के साथ विश्वासघात है।’’

‘आप’ की पंजाब इकाई के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘उन्हें याद रखना चाहिए कि अरविंद केजरीवाल और पार्टी ने उन्हें राजनीतिक रूप से ऊपर उठाने में क्या भूमिका निभाई है… लेकिन उन्होंने पंजाब के अहम मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय उनसे अलग मुद्दे उठाए और इस बात पर पूरे देश का ध्यान गया।’’

अरोड़ा ने कहा, ‘‘पार्टी की स्थापना लोगों के अधिकारों के लिए बिना डरे लड़ने के सिद्धांत पर हुई थी और उस रास्ते से किसी भी प्रकार भटकना अनपेक्षित और अस्वीकार्य है।’’

‘आप’ के प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा, ‘‘पंजाब के बाढ़ प्रभावित लोगों की दुर्दशा पर राघव चड्ढा की चुप्पी को लेकर गहरी निराशा है।’’

भाषा

सिम्मी रंजन

रंजन


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